ककलपुर गांव में खदान किनारे मिली साइकिल और चप्पल; बच्चे की तलाश में उतरी एसडीआरएफ टीम
सतना के रामपुर बाघेलान में प्रभात स्टोन क्रेशर की गहरी खदान में 13 वर्षीय बालक के डूबने की आशंका। SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत ककलपुर गांव से एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ स्थित प्रभात स्टोन क्रेशर की पानी से लबालब भरी खुली खदान मंगलवार शाम एक 13 वर्षीय मासूम बालक के लिए काल साबित हुई। मृतक/लापता बालक की पहचान लल्लू उर्फ अखिलेश साहू (13 वर्ष), पिता चंद्रभान साहू के रूप में हुई है, जिसके खदान के गहरे पानी में डूबने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
🚲 साइकिल से सामान लेने निकला था बालक: खदान के पास मिली चप्पल और साइकिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अखिलेश मंगलवार की शाम घर से साइकिल पर सवार होकर पास की दुकान से सामान लेने निकला था।
जब वह काफी देर तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश करते हुए परिजन जब प्रभात स्टोन क्रेशर खदान के पास पहुंचे, तो खदान की बाउंड्री से लगी हुई उसकी साइकिल और खरीदा हुआ सामान मिला। वहीं, उसकी चप्पल खदान के पानी में तैरती हुई दिखाई दी। यह नजारा देख परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को बालक के डूबने की सूचना दी।
🚤 बुधवार सुबह से SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: गहरे पानी में की जा रही तलाश
घटना की सूचना मिलते ही बेला पुलिस चौकी और रामपुर बाघेलान थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
हालांकि, मंगलवार देर रात अंधेरा अधिक होने के कारण खदान के गहरे पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद बुधवार तड़के राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीम मौके पर पहुंची और नाव व गोताखोरों की मदद से गहरे पानी में मासूम की तलाश शुरू की गई। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू अभियान लगातार जारी था।
⚠️ स्टोन क्रेशर खदान की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल: ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप
इस हृदय विदारक घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और खदान प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि खदान में विशाल जलभराव होने के बावजूद वहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता और पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। खदान के चारों तरफ न तो कोई मजबूत सुरक्षा घेरा (फेंसिंग) है और न ही लोगों को खतरे से आगाह करने वाले चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
🚨 पहले भी जा चुकी है दो लोगों की जान: जांच के घेरे में खदान प्रबंधन
स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पहले भी दो लोगों की डूबने से अकाल मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार हो रहे जानलेवा हादसों के बावजूद न तो खदान संचालक ने सुरक्षा दुरुस्त की और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर कोई सख्त संज्ञान लिया। लगातार हो रही इन मौतों के बाद अब खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।
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