कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद जापान में लहराएगा तिरंगा, जानिए भारत की मेडल उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के शानदार समापन के बाद 19 सितंबर से जापान में एशियन गेम्स का आगाज हो रहा है। भारत की 'Gen Z' खिलाड़ियों की फौज मेडल जीतने को तैयार है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सफल समापन के बाद अब भारतीय एथलीट्स का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 है, जिसका आयोजन जापान में होने जा रहा है।
इस साल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इन खेलों में 43 खेलों के कुल 469 मेडल इवेंट आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के धमाकेदार प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स में भी ऐतिहासिक पदक तालिका बनाने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। भारत की इस बढ़ती उम्मीद के पीछे उसकी युवा 'Gen Z' पीढ़ी के खिलाड़ियों का सबसे बड़ा हाथ है।
🏃♂️ एशियन गेम्स में भारत की मेडल उम्मीद: 'Gen Z' युवा खिलाड़ियों की नई फौज तैयार
खेल जगत में 'Gen Z' (जेनरेशन Z) से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच जन्मे उन युवा खिलाड़ियों से है, जिन्होंने भारतीय खेलों की पूरी तस्वीर बदल दी है। कॉमनवेल्th गेम्स 2026 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद ये युवा एशियन गेम्स में भी अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब हैं।
भारतीय दल में शामिल प्रमुख Gen Z खिलाड़ियों में शामिल हैं:
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बॉक्सिंग (मुक्केबाजी): साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, सचिन, अरुंधती चौधरी, ज्ञानेश्वरी यादव और जैस्मीन।
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जूडो: अस्मिता डे और हर्ष सिंह।
ये सभी युवा खिलाड़ी एशियन गेम्स के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदकों की बारिश करने को तैयार हैं।
🥇 अनाहत सिंह ने भरी गोल्ड मेडल की हुंकार: स्क्वैश समेत अन्य खेलों में तिरंगा लहराने को बेताब युवा
इन एथलीट्स के अलावा कई ऐसे भी Gen Z सितारे हैं जो राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं बन सके थे, क्योंकि वहां उनके खेल शामिल नहीं थे। लेकिन एशियन गेम्स में वे भारत के लिए मुख्य मेडल दावेदार के रूप में उतरेंगे।
इनमें भारत की 18 वर्षीय स्टार स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का नाम सबसे ऊपर है। अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने का खुलकर दावा किया है और वे बेहतरीन फॉर्म में चल रही हैं।
📊 पिछली बार जीते थे 106 मेडल: क्या इस बार टूटेगा नया रिकॉर्ड?
भारत ने पिछले एशियन गेम्स (हांगझोऊ) में 106 मेडल जीतकर नया इतिहास रचा था, जिसमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे।
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिले आत्मविश्वास और अपनी पावरफुल Gen Z ब्रिगेड के दम पर भारतीय दल 106 पदकों के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लक्ष्य के साथ जापान के मैदान में उतरेगा।
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