मध्य प्रदेश न्यूज़: नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू का खुलासा, 19 साल बाद कैसे रिपीट होती है दिवाली की तारीख
हर साल क्यों बदलती है दीपावली की तारीख? विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के 51 साल के आंकड़ों और खगोलीय विज्ञान से जानें पूरी बात। पूरी खबर पढ़ें।
भोपाल: गणेशोत्सव समाप्त होते ही लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि "इस बार दीपावली कब है?" लेकिन यह बेहद दिलचस्प है कि पिछले कई दशकों से अक्टूबर और नवंबर के महीनों के बीच दीपावली आने का अनुपात लगभग फिफ्टी-फिफ्टी (50-50%) रहा है। यदि वर्ष 1986 से लेकर आगामी दस वर्षों यानी 2036 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो इन 51 वर्षों में से 26 बार दीपावली अक्टूबर के महीने में और 25 बार नवंबर के महीने में आई है। नेशनल अवार्ड प्राप्त प्रख्यात विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इन पूरे 51 वर्षों का एक विस्तृत और वैज्ञानिक ब्योरा साझा किया है।
🔄 क्यों बदलती है हर साल दीपावली की तिथि? जानिए सूर्य और चंद्रमा की गति का खगोलीय समीकरण
वैज्ञानिक कारण और अधिकमास का गणित:
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कैलेंडर का अंतर: सारिका घारू बताती हैं कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारा अंग्रेजी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर सूर्य की गति पर आधारित 365 दिनों का होता है, जबकि हमारा पारंपरिक हिंदू पंचांग चंद्र-सौर (Luni-Solar) गणना के आधार पर चलता है, जिसका एक वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है।
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अधिकमास की भूमिका: इन दोनों कैलेंडरों के बीच के 11 दिनों के सालाना अंतर को पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'मलमास' कहा जाता है।
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19 साल का चक्र: 11 दिनों का यह वार्षिक अंतर और हर तीसरे साल जुड़ने वाला अधिकमास मिलकर एक ऐसा खगोलीय चक्र बनाते हैं, जिसके कारण ठीक 19 साल बाद दीपावली लगभग उसी पुरानी तारीख पर वापस लौट आती है। उदाहरण के लिए, वर्ष 2001 में दीपावली 14 नवंबर को थी, और ठीक 19 साल बाद वर्ष 2020 में भी दीपावली 14 नवंबर को ही मनाई गई थी।
📊 देखें 1986 से 2036 तक किस वर्ष किस तारीख को मनाई गई और मनाई जाएगी दीपावली
51 वर्षों का पूरा कैलेंडर और तिथियां:
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1986: 1 अक्टूबर (शनिवार)
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1987: 22 अक्टूबर (गुरुवार)
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1988: 8 नवंबर (मंगलवार)
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1989: 28 अक्टूबर (शनिवार)
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1990: 17 अक्टूबर (बुधवार)
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1991: 5 नवंबर (मंगलवार)
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1992: 25 अक्टूबर (रविवार)
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1993: 13 नवंबर (शनिवार)
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1994: 3 नवंबर (गुरुवार)
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1995: 23 अक्टूबर (सोमवार)
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1996: 10 नवंबर (रविवार)
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1997: 30 अक्टूबर (गुरुवार)
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1998: 19 अक्टूबर (सोमवार)
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1999: 7 नवंबर (रविवार)
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2000: 26 अक्टूबर (गुरुवार)
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2001: 14 नवंबर (बुधवार)
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2002: 4 नवंबर (सोमवार)
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2003: 25 अक्टूबर (शनिवार)
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2004: 12 नवंबर (शुक्रवार)
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2005: 1 नवंबर (मंगलवार)
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2006: 21 अक्टूबर (शनिवार)
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2007: 9 नवंबर (शुक्रवार)
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2008: 28 अक्टूबर (मंगलवार)
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2009: 17 अक्टूबर (शनिवार)
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2010: 5 नवंबर (शुक्रवार)
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2011: 26 अक्टूबर (बुधवार)
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2012: 13 नवंबर (मंगलवार)
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2013: 3 नवंबर (रविवार)
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2014: 23 अक्टूबर (गुरुवार)
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2015: 11 नवंबर (बुधवार)
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2016: 30 अक्टूबर (रविवार)
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2017: 19 अक्टूबर (गुरुवार)
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2018: 7 नवंबर (बुधवार)
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2019: 27 अक्टूबर (रविवार)
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2020: 14 नवंबर (शनिवार)
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2021: 4 नवंबर (गुरुवार)
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2022: 24 अक्टूबर (सोमवार)
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2023: 12 नवंबर (रविवार)
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2024: 31 अक्टूबर (गुरुवार)
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2025: 20 अक्टूबर (सोमवार)
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2026: 8 नवंबर (रविवार)
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2027: 29 अक्टूबर (शुक्रवार)
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2028: 17 अक्टूबर (मंगलवार)
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2029: 5 नवंबर (सोमवार)
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2030: 26 अक्टूबर (शनिवार)
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2031: 14 नवंबर (शुक्रवार)
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2032: 2 नवंबर (मंगलवार)
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2033: 22 अक्टूबर (शनिवार)
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2034: 10 नवंबर (शुक्रवार)
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2035: 30 अक्टूबर (मंगलवार)
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2036: 18 अक्टूबर (शनिवार)
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