क्या पहला करवाचौथ नहीं रख सकतीं नवविवाहिताएं? जानिए शुक्र अस्त और भद्रा पर क्या कहते हैं ज्योतिषी
सोशल मीडिया पर करवाचौथ के पहले व्रत को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर ज्योतिषाचार्य ने विराम लगाया है। जानिए करवाचौथ 2026 के शुभ योग और चंद्रोदय का समय।
करवाचौथ का पावन व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसका विशेषकर नवविवाहित जोड़ों को बेसब्री से इंतजार रहता है। हालांकि, इस बार सोशल मीडिया पर कुछ दावे किए जा रहे थे कि शुक्र ग्रह के अस्त होने और भद्रा के कारण जिन युवतियों का पहला करवाचौथ है, वे यह व्रत न रखें अन्यथा अशुभ हो सकता है। लेकिन प्रसिद्ध ज्योतिषियों ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज और निराधार बताया है। ज्योतिषविदों का स्पष्ट कहना है कि हमारे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में इस प्रकार की किसी भी ज्योतिषीय बाधा या रोकटोक का कोई उल्लेख नहीं मिलता है।
✨ रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का बन रहा है दुर्लभ महासंयोग: रात 8:24 पर होगा चंद्रोदय, उच्च के चंद्रमा से मजबूत होगा दांपत्य प्रेम
भोपाल के ज्योतिष मठ संस्थान के आचार्य पंडित विनोद गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष करवाचौथ का व्रत बेहद विशेष और शुभ योगों में मनाया जाएगा। इस दिन चतुर्थी तिथि सूर्योदय से लेकर रात्रि चंद्रोदय तक पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। इसके अलावा, करवाचौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का शुभ संयोग तथा शिवयोग भी बन रहा है, साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम और आपसी सामंजस्य को बढ़ाने वाला माना गया है। पंडित जी के अनुसार, भू-पृष्ठीय चंद्रमा का उदय रात 8 बजकर 24 मिनट पर होगा, जिस समय चंद्रमा शीतल और लालिमा युक्त दिखाई दे, तभी अर्घ्य देकर पूजन करना चाहिए। सभी सुहागिनें बिना किसी संकोच और भय के पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ यह निर्जल व्रत संपन्न करें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)