Online Banking Scam: इंदौर में साइबर ठगों का आतंक, व्यापारी का फोन हैक कर 5.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी
इंदौर में साइबर अपराधियों ने मोबाइल हैक कर दो व्यापारियों से लाखों की ठगी की। केवायसी और क्रेडिट कार्ड बिल के नाम पर अकाउंट खाली। पुलिस ने केस दर्ज किया।
इंदौर। इंदौर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर व्यापारियों को निशाना बनाया है। केवाईसी (KYC) अपडेट और क्रेडिट कार्ड के बहाने मोबाइल हैक कर ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में लाखों रुपये का चूना लगाया है। विजय नगर और सराफा पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🏗️ कंस्ट्रक्शन व्यवसायी से 2.10 लाख की धोखाधड़ी
विजय नगर क्षेत्र के कंस्ट्रक्शन व्यवसायी प्रशांत तोमर को 9 जून को एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। ठग ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड का केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया और एक लिंक भेजी। जैसे ही प्रशांत ने उस लिंक को ओपन किया, उनका मोबाइल हैक हो गया और उनके बैंक खाते से 2 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। उन्होंने तुरंत मोबाइल स्विच ऑफ किया, लेकिन तब तक ठग अपना काम कर चुके थे।
💼 बोहरा व्यापारी का फोन हैक कर उड़ाए 5.50 लाख
वहीं, सराफा पुलिस ने कुंजरा बाखल निवासी व्यापारी मुफद्दल अली की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। मुफद्दल के अलग-अलग बैंकों (एसबीआई, एक्सिस, एचडीएफसी, कोटक, यस बैंक, आरबीएल और इंडसइंड) के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर ठगों ने 5 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित को जब क्रेडिट कार्ड बिल का मैसेज आया, तब उसे ठगी का पता चला। जांच में सामने आया कि ठगों ने मुफद्दल का मोबाइल हैक कर 'मोबी क्विक' एप के जरिए अलग-अलग तारीखों में यह बड़ी रकम निकाली है।
🛡️ साइबर एक्सपर्ट की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि:
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किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
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बैंक कभी भी वीडियो कॉल पर केवाईसी के लिए लिंक नहीं भेजते।
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संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत कॉल काट दें और संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा से संपर्क करें।
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अपने मोबाइल में किसी भी अनजान 'स्क्रीन शेयरिंग' या 'रिमोट एक्सेस' एप को इंस्टॉल न करें।
फिलहाल, पुलिस साइबर सेल की मदद से ट्रांजैक्शन की ट्रेल (Trail) का पता लगा रही है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।
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