शेयर बाजार में चमका आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर, 5% की उछाल के साथ बनाया नया रिकॉर्ड
मोतीलाल ओसवाल ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'बाय' किया। शेयर पहुंचा 52-हफ्ते के उच्च स्तर पर।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर बाजार में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) की रेटिंग में बड़ा बदलाव करते हुए इसे अपग्रेड कर दिया है. इस सकारात्मक खबर के बाद 23 सितंबर को शेयर बाजार में इस स्टॉक ने शानदार प्रदर्शन किया. इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान यह शेयर 5 प्रतिशत की दमदार छलांग के साथ 89.58 रुपये के अपने 52-हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. ब्रोकरेज ने रेटिंग को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'बाय' (खरीदने की सलाह) कर दिया है और अगले कुछ समय के लिए 105 रुपये का नया टारगेट प्राइस तय किया है.
💰 2. निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न, 52-हफ्ते के निचले स्तर से शेयर में आ चुकी है 54% से ज्यादा की शानदार तेजी
इस बैंकिंग शेयर ने पिछले कुछ महीनों में अपने निवेशकों को बंपर कमाई कराई है. अप्रैल 2026 में यह शेयर 58.08 रुपये के अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर था, जहाँ से अब तक यह 54% से अधिक की छलांग लगा चुका है. पिछले एक हफ्ते में शेयर ने 4.5%, तीन महीने में 13%, छह महीने में 47% और बीते एक साल में निवेशकों को करीब 26% का बढ़िया रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर काफी मजबूत हुआ है.
🚀 3. रेटिंग अपग्रेड के पीछे मजबूत डिपॉजिट फ्रेंचाइजी और बेहतर क्रेडिट ग्रोथ, 2028 तक GNPA घटने का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इस अपग्रेड के पीछे बैंक की मजबूत होती डिपॉजिट फ्रेंचाइजी, लोन बांटने की तेज रफ्तार और सुधरते ऑपरेटिंग लेवरेज को मुख्य वजह बताया है. बैंक का रिटेल डिपॉजिट अब कुल कस्टमर डिपॉजिट का 80 प्रतिशत हो गया है, जो विलय के समय मात्र 27% था. इसके अलावा, बेहतर होती एसेट क्वालिटी के चलते ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.4% पर आ जाएगा, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति और अधिक मजबूत होगी.
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