खंडवा में पटवारी का बड़ा फर्जीवाड़ा; स्वामित्व योजना में खुद और परिवार के नाम किए 51 पट्टे, कलेक्टर ने किया सस्पेंड
खंडवा के कोलगांव में पटवारी राजेश मंडलोई ने स्वामित्व योजना के तहत शासकीय भूमि के 51 पट्टे खुद और रिश्तेदारों के नाम दर्ज किए। जांच के बाद कलेक्टर ने किया सस्पेंड।
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक पटवारी द्वारा प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का गलत तरीके से लाभ उठाने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला जिले की पंधाना तहसील के ग्राम कोलगांव का है, जहाँ शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी और अनियमितता बरतने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पटवारी पर आरोप है कि उसने पदीय स्थिति का दुरुपयोग करते हुए शासकीय भूमि के 50 से अधिक पट्टे अपने और अपने परिजनों व रिश्तेदारों के नाम दर्ज कर लिए थे।
📜 ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष की शिकायत पर बैठा जांच: अपर कलेक्टर और नायब तहसीलदार ने की पड़ताल
इस पूरे भूमि घोटाले की शिकायत ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी द्वारा साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम कोलगांव में शासकीय स्वामित्व वाली कीमती जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने कूटरचित तरीके से अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 51 पट्टे दर्ज करा लिए हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अपर कलेक्टर को जांच के आदेश दिए। इसके बाद राजस्व अधिकारियों द्वारा मौका मुआयना और भू-अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई।
🏛️ एसडीएम ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत किया सस्पेंड: तहसील कार्यालय खंडवा तय किया मुख्यालय
नायब तहसीलदार द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई की भूमिका को प्रथम दृष्टया दोषी पाया।
इसके बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय खंडवा निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। फिलहाल मामले में संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण जारी है।
🔍 कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कड़ा बयान: पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू, छीने जाएंगे फर्जी पट्टे
मामले की पुष्टि करते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया, "स्वामित्व योजना के अंतर्गत कोलगांव में आबादी भूमि के सर्वे के दौरान पटवारी ने कई प्लॉट खुद के और अपने परिजनों के नाम दर्ज कर लिए थे।
प्राप्त शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई गई, जिसमें अनियमितता की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है।" प्रशासन अब कूटरचित तरीके से दर्ज किए गए सभी 51 पट्टों को निरस्त कर शासकीय भूमि बहाल करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गया है।
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