कमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमलों को लेकर भारत चिंतित, GoF on S4 की पहली बैठक में रखे अहम सुझाव
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में 'GoF on S4' की पहली बैठक की अध्यक्षता की। समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा पर जोर।
संयुक्त राष्ट्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बहुत बड़ी और अहम पहल की है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ (GoF on S4) की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के अलग-अलग समुद्री इलाकों में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर लगातार हो रहे हमले अब गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. भारत और लाइबेरिया ने मिलकर इस विशेष ग्रुप की स्थापना की है, जहां भारत दुनिया भर में बड़ी संख्या में कुशल सीफेरर्स (नाविक) उपलब्ध कराने वाला प्रमुख देश है, जबकि लाइबेरिया दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्रियों में शुमार है.
🌊 2. ओमान की खाड़ी से लेकर ब्लैक सी तक कमर्शियल जहाजों पर हमलों का जिक्र, कई भारतीय नाविकों की गई जान
विदेश मंत्री ने हाल ही में हुए हमलों का हवाला देते हुए बताया कि सिर्फ दो दिन पहले एंटीगुआ एंड बारबुडा के झंडे वाला बल्क कैरियर 'MV Cape Dao' ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में हमले का शिकार हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक की दर्दनाक मौत हो गई. इससे ठीक 10 दिन पहले पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर 'EL GAIA' को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय निशाना बनाया गया, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर लापता हो गया. इसके अलावा, उन्होंने ब्लैक सी में 'MV OMORFI' और 'MV GOLDEN LEO' पर हुए हमलों का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जिनमें कई भारतीय नागरिकों और अन्य देशों के नाविकों की जान चली गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित करते हैं और निर्दोष लोगों की जान लेते हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता.
🤝 3. ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी के आपातकालीन सहायता नेटवर्क प्रस्ताव का जिक्र, वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री सुरक्षा जरूरी
एस. जयशंकर ने जोर देकर कहा कि दुनिया में हर दिन 140 अरब डॉलर से अधिक का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है और इस पूरी आर्थिक गतिविधि का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा समुद्र के रास्ते पर निर्भर है, जहां लगभग 20 लाख नाविक काम करते हैं. उन्होंने कुछ हफ्ते पहले भारत में हुए ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समुद्रकर्मियों के लिए एक 'आपातकालीन सहायता नेटवर्क' बनाने के प्रस्ताव का भी जिक्र किया, जिससे संकट के समय त्वरित चिकित्सा सहायता और निकासी में मदद मिल सके. भारत और लाइबेरिया की इस साझा पहल (GoF on S4) का उद्देश्य बड़े जहाज मालिक देशों और नाविकों की आपूर्ति करने वाले देशों को एक मंच पर लाकर समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक मजबूत करना है.
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