सीएम मोहन यादव ने महाकाल लोक से की पीएम श्री ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन की शुरुआत, 172 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में पीएम श्री ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन की शुरुआत की है। साथ ही 172.87 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी है।
महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में रविवार का दिन सार्वजनिक परिवहन, धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व प्रसिद्ध 'श्री महाकाल लोक' परिसर से पीएम श्री ई-बस सेवा और 'उज्जैन दर्शन' बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खुद भी ई-बस में बैठकर सफर किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने महाकाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 'श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन' का भी उद्घाटन किया। अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को कुल 172.87 करोड़ रुपए की लागत वाले 15 बड़े विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत 14.42 किलोमीटर लंबी सड़क, आरओबी (ROB) और नए पुल निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस नई व्यवस्था से अब उज्जैन के प्रमुख धार्मिक और दार्शनिक स्थलों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ दिया गया है।
🛕 मात्र 200 रुपए में करें 27.01 किलोमीटर का पूरा 'उज्जैन दर्शन' सर्किट, एक टिकट पर करें सफर
इस नई 'उज्जैन दर्शन' बस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक पहलू इसका निर्धारित धार्मिक पर्यटन सर्किट है। यह विशेष बस सेवा मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, पवित्र क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड तथा उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पर आकर समाप्त होगी। इस पूरे रूट की लंबाई लगभग 27.01 किलोमीटर है और इसका किराया मात्र 200 रुपए तय किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें नकद (कैश) भुगतान के साथ-साथ यूपीआई (UPI) डिजिटल पेमेंट की भी पूरी व्यवस्था रखी गई है। इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यात्री एक ही बार टिकट खरीदकर पूरे रूट पर अलग-अलग बसों में अपनी सुविधा के अनुसार सवार होकर दर्शन कर सकेंगे। यह टिकट प्रमुख मंदिरों और दर्शनीय स्थलों के नजदीक ही आसानी से उपलब्ध होंगे। शुरुआती चरण में कुल 10 आधुनिक ई-बसें उतारी गई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरों से लेकर जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम तक की हाई-टेक व्यवस्था की गई है।
🛣️ शहर के 12 अन्य नए मार्गों पर भी शुरू हुई बसें, शैक्षणिक व व्यावसायिक क्षेत्र जुड़े
उज्जैन शहर के भीतर कुल 12 ऐसे नए मार्गों को सक्रिय किया गया है, जो शहर के प्रमुख शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को सीधे सार्वजनिक परिवहन सेवा से जोड़ेंगे। इन प्रमुख रूटों में तपोभूमि से पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से तपोभूमि, देवास से ताजपुर, देवास गेट से नए आरटीओ कार्यालय, महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा, देवास गेट से मुरलीपुरा, तपोभूमि से नजरपुर और विशेष उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।
🛡️ महाकाल क्षेत्र में सुरक्षा को मिलेगी मजबूती, शुरू हुआ नया 'श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का औपचारिक शुभारंभ किया। महाकाल मंदिर क्षेत्र में साल-दर-साल लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तथा आगामी सिंहस्थ-2028 के विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है।
🏗️ 14.42 किलोमीटर लंबी सड़क, आरओबी और पुल निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति देखने के लिए मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ (CIRF) के अंतर्गत निर्मित की जा रही 14.42 किलोमीटर लंबी सड़कों के साथ-साथ आरओबी और पुल निर्माण के चल रहे कार्यों का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 'अवंतिका' प्राचीन काल से ही देश की एक बेहद गौरवशाली और भव्य नगरी रही है। उज्जैन के सौंदर्यीकरण और विकास में शहर के आम नागरिक भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी खुशखबरी दी कि आने वाले समय में उज्जैनवासियों को मेट्रो ट्रेन (Metro Train) की सौगात भी बहुत जल्द मिलने वाली है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास और विभिन्न शहरों के चहुंमुखी विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
💰 172.87 करोड़ रुपए की 15 विकास परियोजनाओं का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे पर उज्जैन जिले की जनता को कुल 172.87 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 3 का लोकार्पण शामिल है। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग का निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में आधुनिक पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का चहुंमुखी विकास और क्षिप्रा नदी के विभिन्न घाटों का जीर्णोद्धार शामिल है। इसके अलावा महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग का काम, चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में नए थाना भवन का निर्माण तथा पर्यटन विभाग से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 153.31 करोड़ रुपए है। वहीं, लगभग 19.56 करोड़ रुपए की लागत के जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें नीलगंगा और उन्हेल में नवनिर्मित पुलिस आवास व थाना भवन तथा बड़नगर में बना नया 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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