जबलपुर और कटनी में डाक विभाग में फर्जीवाड़ा, 10वीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वाले 8 गिरफ्तार

जबलपुर और कटनी में डाक विभाग की ग्रामीण सेवा में फर्जी 10वीं की अंकसूची के आधार पर नौकरी पाने वाले 8 लोगों को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है।

Sep 30, 2026 - 15:20
0
जबलपुर और कटनी में डाक विभाग में फर्जीवाड़ा, 10वीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वाले 8 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर और कटनी जिलों से डाक विभाग (Postal Department) के भीतर एक बड़ा और सनसनीखेज फर्जीवाड़ा सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ग्रामीण डाक सेवा (GDS) में फर्जी 10वीं की मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल करने वाले 8 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें से 5 कर्मचारी जबलपुर जिले में विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे थे, जबकि 3 कर्मचारी कटनी जिले में पदस्थ थे। फिलहाल सीबीआई की टीम सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन जालसाजों ने फर्जी अंकसूचियां आखिरकार कहां से तैयार करवाई थीं।

📄 बिना एंट्रेंस एग्जाम के 10वीं के अंकों के आधार पर मिलती है नौकरी, इसी व्यवस्था का उठाया गया गलत फायदा

डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवा (ग्रामीण डाक सेवक) के पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी तरह से 10वीं कक्षा की अंकसूची में प्राप्त अंकों के आधार पर होती है। यदि आवेदक के 10वीं बोर्ड में बहुत अच्छे प्रतिशत या अंक होते हैं, तो विभाग मेरिट के आधार पर उसे सीधी नौकरी दे देता है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लिखित प्रवेश परीक्षा (इंट्रेंस एग्जाम) आयोजित नहीं की जाती है। इसी सरल प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए कुछ शातिर अभ्यर्थियों ने अन्य राज्यों और बोर्ड्स की फर्जी 10वीं की मार्कशीट तैयार कराई और विभाग को चकमा देकर नौकरी हथिया ली।

🕵️️ डाक विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने की कार्रवाई, जबलपुर और कटनी में की गई थी आरोपियों की पोस्टिंग

जब डाक विभाग के आंतरिक स्तर पर कुछ दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध लगी और लगातार शिकायतें मिलने लगीं, तो विभाग ने मामले की पूरी जानकारी तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी। इसके बाद सीबीआई ने अपनी तकनीकी और खुफिया जांच शुरू की और 8 ऐसे संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मानवेन्द्र सिंह सिकरवार की पोस्टिंग कुंडम में, राजा बाबू अहिरवार, सौरभ शर्मा और प्रदीप खरे की पाटन क्षेत्र में, जबकि प्रदीप खरे (कुंडरी उमरिया), नयन कुमार (रामखिरिया शाहपुरा उप डाकघर), बद्री प्रसाद (ससारपुर, कटनी), देवेंद्र सिंह चौहान (उमरिया पान, कटनी) और रमाकांत शर्मा (मोहतर्रा, कटनी) के रूप में हुई है।

🌐 कई राज्यों के बोर्ड्स से जुड़े हैं फर्जीवाड़े के तार, गिरोह की तलाश में जुटी केंद्रीय एजेंसी

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस फर्जीवाड़े के तार देश के कई अलग-अलग राज्यों और शिक्षा बोर्डों से जुड़े हुए हैं। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई फर्जी अंकसूचियां बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड, मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल, जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) जैसे विभिन्न संस्थानों के नाम से तैयार की गई थीं। अब सीबीआई इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इन जाली मार्कशीट को तैयार करने वाला मुख्य रैकेट या गिरोह कहां सक्रिय है और इसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में किस-किस की संलिप्तता रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User