जीएसटी लागू होने के 9 साल बाद टैक्स अफसरों की समितियों का होगा पुनर्गठन, टैक्स सिस्टम को बनाया जाएगा और सरल

जीएसटी लागू होने के 9 साल बाद जीएसटी काउंसिल टैक्स अधिकारियों की समितियों के पुनर्गठन पर विचार कर रही है। इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को अधिक सरल बनाना है।

Oct 05, 2026 - 19:57
0
जीएसटी लागू होने के 9 साल बाद टैक्स अफसरों की समितियों का होगा पुनर्गठन, टैक्स सिस्टम को बनाया जाएगा और सरल

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के देश में लागू होने के नौ साल पूरे होने के बाद अब जीएसटी काउंसिल अपने कर अधिकारियों की समितियों के पुनर्गठन पर विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम को और अधिक परिपक्व, सरल तथा प्रभावी बनाना है। वर्तमान में जीएसटी व्यवस्था के तहत सचिवालय, कार्यान्वयन समिति, फिटमेंट और कानून समिति सहित कुल आठ स्थायी समितियां और 18 क्षेत्रीय समूह कार्यरत हैं, जिनके ढांचे को अब तीन समेकित निकायों में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

🔍 क्यों हो रहा है बदलाव: तीन समेकित निकायों - सचिवालय, कार्यान्वयन समिति और स्थायी समिति में बंटेगा कामकाज

सूत्रों का कहना है कि पिछले 9 वर्षों में जीएसटी का यह ढांचा काफी स्थिर हो चुका है और कर दरों का स्वरूप भी तय हो चुका है, इसलिए कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। प्रस्तावित नए ढांचे के तहत जीएसटी कार्यान्वयन समिति (जीआईसी) शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था के रूप में काम करती रहेगी, जो सचिवालय के मामलों पर विचार करेगी। इसके साथ ही एक नई स्थायी समिति का गठन किया जाएगा, जो तकनीकी कामकाज संभालेगी, प्रक्रियाओं को आसान बनाएगी तथा व्यापारिक जगत से मिलने वाले ज्ञापनों और नियमों में संशोधन के प्रस्तावों की गहराई से जांच करेगी।

⚖️ दो मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है सुधार: राजनीतिक सहमति, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है मकसद

प्रस्तावित संस्थागत सुधार मुख्य रूप से दो बड़े सिद्धांतों पर आधारित हैं। पहला यह कि किसी भी नीतिगत प्रस्ताव पर शुरुआत से ही राजनीतिक सहमति और जवाबदेही तय होनी चाहिए, न कि केवल अधिकारियों के स्तर पर निर्णय लेकर बाद में मुहर लगवाई जाए। दूसरा सिद्धांत संचालन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना है। इस नई व्यवस्था से राज्यों की भागीदारी और भी आनुपातिक व चक्रीय आधार पर तय होगी, जिससे 'एक राष्ट्र, एक कर' के इस एकीकृत तंत्र को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User