बागेश्वर धाम नाबालिग दुष्कर्म मामले में डीएनए रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें, एसआईटी गठित करने के आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बागेश्वर धाम नाबालिग दुष्कर्म मामले में राजू जाटव के डीएनए मैच न होने पर एसआईटी गठन के निर्देश दिए हैं, साथ ही असली आरोपी की तलाश के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के चर्चित बागेश्वर धाम से जुड़े 16 वर्षीय नाबालिग के दुष्कर्म और अपहरण के मामले में हाईकोर्ट ने एक अहम और कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजू जाटव की फॉरेंसिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता नहीं है। इस नए तथ्य के सामने आने के बाद, हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को राजू की दूसरी जमानत अर्जी खारिज करते हुए छतरपुर एसपी को विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस को यह पता लगाने के लिए कहा है कि आखिर नाबालिग का असली यौन उत्पीड़न किसने किया था और भ्रूण का जैविक पिता कौन है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।
🔍 डीएनए रिपोर्ट में खुलासा और कोर्ट की कार्रवाई: राजू से मैच नहीं हुआ सैंपल, अब असली आरोपी की तलाश में जुटेगी पुलिस
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना मार्च महीने की है जब नाबालिग अपनी मां से विवाद के बाद बागेश्वर धाम चली गई थी और वहां उसकी मुलाकात राजू जाटव से हुई थी। आरोपी उसे अपने साथ ले गया था और कई दिनों तक घुमाने के बाद उसकी पत्नी ने उसे पुलिस के सुपुर्द किया था। जांच के दौरान नाबालिग लगभग दो महीने की गर्भवती पाई गई थी। गर्भपात के बाद सुरक्षित रखे गए भ्रूण और प्लेसेंटा के साथ आरोपी राजू के रक्त नमूनों की फॉरेंसिक जांच कराई गई थी, जिसकी 29 अगस्त की रिपोर्ट में राजू को जैविक पिता नहीं माना गया। हालांकि अदालत में नाबालिग ने राजू द्वारा दुष्कर्म से इनकार भी किया था, जिसके चलते अब कोर्ट ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए असली गुनहगार तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
🚨 धीरेंद्र शास्त्री की अपील: महिलाओं को अकेले बागेश्वर धाम न आने की सलाह, सुरक्षा के लिहाज से बयान को माना जा रहा है अहम
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 3 अक्टूबर की रात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं के लिए एक विशेष सार्वजनिक अपील जारी की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अकेले बागेश्वर धाम आने से बचें तथा अनजान लोगों और यहां तक कि सेवादारों पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। शास्त्री ने सलाह दी कि लोग मंदिर और निर्धारित हॉल के अलावा अन्य जगहों पर जाने से बचें और धाम में अधिक दिनों तक न रुकें। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में इस विशेष मामले का प्रत्यक्ष नाम नहीं लिया, लेकिन इस गंभीर घटना के तुरंत बाद आई यह चेतावनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद बनने वाली एसआईटी जांच से ही इस पूरे मामले की परतें खुल सकेंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)