श्योपुर के जंगलों में छिपा है 1000 साल पुराना 'सिद्ध खो', प्राकृतिक कुंड और रहस्यों से जुड़ा है इतिहास

श्योपुर के घने जंगलों में स्थित 1000 साल पुराना 'सिद्ध खो' आस्था, प्रकृति और अद्भुत रहस्यों का संगम है, जहां का कुंड कभी नहीं सूखता।

Oct 07, 2026 - 17:45
0
श्योपुर के जंगलों में छिपा है 1000 साल पुराना 'सिद्ध खो', प्राकृतिक कुंड और रहस्यों से जुड़ा है इतिहास

मध्य प्रदेश में कई ऐसी ऐतिहासिक और अनछुए स्थान हैं, जो अपनी अनूठी कहानियों और किंवदंतियों के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक स्थान श्योपुर जिले के घने जंगलों के बीच पहाड़ों और प्राकृतिक चट्टानों की गोद में बसा है, जिसे स्थानीय लोग 'सिद्ध खो' के नाम से जानते हैं। यह स्थान आस्था, प्रकृति और कई अनसुलझे रहस्यों का एक अनूठा संगम माना जाता है, जो सैलानियों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।

💧 कभी नहीं सूखता यहां का प्राकृतिक कुंड, भीषण गर्मी में भी रहता है पानी

जिला मुख्यालय से लगभग 135-140 किलोमीटर दूर विजयपुर तहसील के गसवानी क्षेत्र में स्थित सिद्ध खो को करीब 1000 वर्ष पुराना प्राचीन स्थल माना जाता है। यहां प्राचीन काल में संतों ने लंबे समय तक तपस्या और साधना की थी। इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता यहां मौजूद एक प्राकृतिक कुंड है। स्थानीय निवासी और श्रद्धालुओं का कहना है कि भीषण गर्मी और सूखे के दौरान भी यह कुंड कभी खाली नहीं होता और इसमें साल भर पानी बना रहता है। ऐसी मान्यता है कि इस कुंड के पानी में स्नान करने से कई तरह की बीमारियों से राहत मिलती है।

⛰️ रहस्यमयी गुफाएं और संतों की तपोभूमि से जुड़े हैं आध्यात्मिक इतिहास के कई पन्ने

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, गरीब दास जी महाराज और शिव दास जी महाराज जैसे महान संतों ने यहां कठोर साधना की थी, और वर्तमान में बालक दास जी महाराज यहां के महंत हैं। संतों की समाधि और उनके जीवन से जुड़े अवशेष आज भी इस स्थान के गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं। यहां एक ऐसी रहस्यमयी गुफा का भी जिक्र किया जाता है, जो आज तक अदृश्य और अनबूझी है। जंगलों की इस प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता के बीच समय बिताने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User