अमेरिकी न्याय विभाग ने 40 लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए दाखिल की याचिकाएं, भारतीय मूल के बलविंदर भी शामिल
अमेरिकी न्याय विभाग ने धोखाधड़ी और गंभीर आरोपों के चलते जिला अदालतों में 40 लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए याचिकाएं दायर की हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग ने देश की जिला अदालतों में 40 ऐसे लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए औपचारिक याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर गंभीर आरोप हैं। यदि अदालत इन मामलों में नागरिकता रद्द करने का फैसला सुनाती है, तो इन सभी को अमेरिका से वापस उनके मूल देश भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकती है। न्याय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन 40 लोगों में 1 नागरिक भारत से, 4 पाकिस्तान से और 4 चीन से ताल्लुक रखते हैं, जबकि बाकि अन्य देशों के नागरिक हैं। इन सभी पर भ्रष्टाचार और नाबालिगों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
📋 384 विदेशी मूल के अमेरिकियों की पहचान, ट्रंप प्रशासन के तहत बड़ी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब एक साथ इतने बड़े पैमाने पर नागरिकता रद्द करने की याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इसी साल अप्रैल में 'न्यूयार्क टाइम्स' की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि न्याय विभाग ने कुल 384 ऐसे विदेशी मूल के अमेरिकी नागरिकों की पहचान की है, जिनकी नागरिकता विभाग रद्द करना चाहता है। इन मामलों को तेजी से निपटाने के लिए जिला अदालतों में विशेष वकीलों को तैनात किया गया है। याचिकाकर्ताओं में मैक्सिको, मिस्र, ब्रिटेन, फिलीपींस और नाइजीरिया समेत कई अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं।
🇮🇳 भारतीय मूल के बलविंदर सिंह पर भी फर्जी पहचान के आरोप
न्याय विभाग द्वारा दायर की गई याचिकाओं में भारतीय मूल के बलविंदर सिंह का नाम भी शामिल है। अधिकारियों का आरोप है कि बलविंदर सिंह ने कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके अमेरिका में प्रवेश किया और नागरिकता प्राप्त की। जांच के मुताबिक, 1992 में पहली बार आवेदन जमा करने के बाद 2003 और 2009 में अलग-अलग चरणों में स्थायी निवास और नागरिकता हासिल की गई थी। न्याय विभाग ने उनके नैतिक चरित्र को प्रभावित करने वाले कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी तरह पाकिस्तान के नागरिकों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)