शादियों में दिखावा और नशा बंद करने का संकल्प, मराठा सेवा संघ और संभाजी ब्रिगेड की सराहनीय पहल
बुरहानपुर में मराठा समाज ने शादियों में दहेज और फिजूलखर्ची रोकने की अनोखी पहल की है। 24 से अधिक जोड़ों ने दहेज मुक्त विवाह का संकल्प पत्र भरा है।
आज के समय में भी समाज में कई ऐसी कुरीतियां व्याप्त हैं, जिनका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। ऐसी कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए बुरहानपुर के मराठा समाज के लोगों ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। मराठा सेवा संघ और संभाजी ब्रिगेड की टीम के नेतृत्व में समाज के युवक-युवतियों की शादियों में दहेज, फिजूलखर्ची, महंगे उपहारों के आदान-प्रदान और खाने की बर्बादी जैसे खर्चों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि देश में दहेज लोभियों की प्रताड़ना से तंग आकर कई महिलाएं अपनी जान गंवा चुकी हैं, ऐसे में यह पहल समाज को एक नई दिशा दे रही है।
📄 24 से अधिक दूल्हा-दुल्हन ने सौंपे संकल्प पत्र, आगामी सीजन से होगी शुरुआत
इस अभियान की शुरुआत आगामी शादी के सीजन से की जा रही है। जो भी परिवार इन सभी 6 संकल्पों का ईमानदारी से पालन करेगा, उसे मराठा सेवा संघ और संभाजी ब्रिगेड की तरफ से विशेष सम्मान प्रमाण पत्र से नवाजा जाएगा। शुरुआती दौर में ही लगभग 24 से अधिक दूल्हा-दुल्हन पक्ष के लोगों ने आगे आकर संकल्प पत्र भरे हैं और पदाधिकारियों को सौंपे हैं। इन सभी जोड़ों का विवाह आगामी दिनों में संपन्न होना प्रस्तावित है, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है।
🚫 दहेज और नशे के खिलाफ युवाओं ने उठाई आवाज, वरिष्ठों ने की सराहना
संभाजी ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अश्विन पाटिल ने बताया कि युवाओं द्वारा दहेज मुक्त विवाह का संकल्प लेना समाज में बड़े बदलाव का संकेत है। युवाओं ने यह शपथ ली है कि वे न तो अपने विवाह में दहेज का लेन-देन करेंगे और न ही किसी ऐसी प्रथा को बढ़ावा देंगे जिससे दोनों में से कोई भी परिवार कर्ज के बोझ तले दबे। इसके अलावा, नेपानगर की प्रिया पाटील और खुशबू पाटिल ने बताया कि इस अभियान के तहत शादियों को व्यापार न बनने देने और वर-वधु पक्षों द्वारा नशा मुक्त विवाह करने का भी संकल्प लिया गया है, जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है।
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