मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान, कहा- 2019-22 के बीच की नियुक्तियों का करेंगे विधिक परीक्षण
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार 2019-22 की नियुक्तियों और 27% आरक्षण मामले का विधिक परीक्षण करेगी।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर आए हाईकोर्ट के ताजा निर्णय के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस पूरे फैसले का गहन विधिक परीक्षण करवाएगी और उसके आधार पर आगामी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच की गई नियुक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, जिसके तहत 13 प्रतिशत अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित करते हुए आगामी भर्तियों में समायोजित करने की बात कही गई है।
🔍 "तत्कालीन सरकार का नोटिफिकेशन था लचर और त्रुटिपूर्ण"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से यह पूरी तरह सिद्ध हो गया है कि उस समय लाया गया 27 प्रतिशत आरक्षण का नोटिफिकेशन बेहद लचर और त्रुटिपूर्ण था। तत्कालीन सरकार ने कतिपय राजनीतिक कारणों से अत्यंत जल्दबाजी में यह अध्यादेश लागू किया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी कोई सलाह नहीं ली गई थी, जिससे उनकी मंशा पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है।
🎯 अनारक्षित वर्ग के पदों पर समायोजन और कानूनी विकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोर्ट ने वर्ष 2022 के पश्चात निर्णय तिथि तक की गई भर्तियों के संबंध में 13 प्रतिशत होल्ड किए गए पदों पर अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले में सभी कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है ताकि किसी भी अभ्यर्थी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और संविधान सम्मत तरीके से उचित कदम उठाए जा सकें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)