एसडीएम पर महिला पटवारी के गंभीर आरोप, बंधक बनाकर फोन खंगालने का दावा, कलेक्ट्रेट अटैच
जबलपुर के कुंडम में महिला पटवारी ने एसडीएम पर बंधक बनाने और निजता के हनन का आरोप लगाया है। विवाद के बाद एसडीएम को कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की कुंडम तहसील से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाली खबर सामने आई है। पटवारियों की जारी हड़ताल के बीच महिला पटवारी इशिका सोलंकी ने कुंडम एसडीएम प्रगति गनवीर पर बंधक बनाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और मोबाइल की निजी जानकारी देखने (निजता के हनन) के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को पटवारी संघ के साथ कुंडम थाने पहुंचकर इस संबंध में लिखित शिकायत दी गई। मामले के तूल पकड़ते ही शनिवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एसडीएम को कुंडम से हटाकर कलेक्ट्रेट में अटैच कर दिया है।
📱 सरकारी आवास से बुलाकर तहसील ले जाने और जबरन मोबाइल जांचने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, शुक्रवार शाम तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक राजस्व कर्मियों के आवास परिसर पहुंचे और बातचीत के बहाने महिला पटवारी इशिका सोलंकी तथा उनके साथी पटवारियों (अंजली गौतम, धीरज साहू व देवांशु भदौरिया) को दबाव बनाकर तहसील कार्यालय ले गए। आरोप है कि वहां एसडीएम ने स्वामित्व योजना का काम करने का दबाव बनाया और अनलॉक मोबाइल करीब 15 मिनट तक अपने पास रखकर व्हाट्सएप चैट व निजी तस्वीरें खंगालीं। इस घटनाक्रम के दौरान मानसिक दबाव में आकर महिला पटवारी अंजली गौतम की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत कुंडम के शासकीय अस्पताल ले जाना पड़ा।
⚖️ पटवारी संघ का 3 दिन का अल्टीमेटम: कार्रवाई न होने पर उग्र प्रदर्शन और महिला आयोग जाने की चेतावनी
पटवारी संघ की कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे के नेतृत्व में दर्जनों पटवारियों ने थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को शिकायत सौंपी है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 दिन का समय दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा और मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग में भी दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल पटवारियों का कहना है कि जब तक सभी निलंबित पटवारियों का निलंबन वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल निरंतर जारी रहेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)