1 घंटे का सफर 4 घंटे में! पचावली-पिछोर सड़क की जर्जर हालत पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
शिवपुरी में पचावली-रन्नौद-पिछोर स्टेट हाईवे पर 700 से अधिक गड्ढे बनने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। PWD ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की बात कही है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पचावली-रन्नौद-पिछोर स्टेट हाईवे की जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। लगभग 70 किलोमीटर लंबे इस मुख्य मार्ग पर रखरखाव के अभाव में 700 से अधिक गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं। बीते तीन वर्षों में सड़क की खस्ताहाली के कारण कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें 6 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 100 से ज्यादा दोपहिया वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रात के समय अंधेरा रहने के कारण इस सड़क पर हादसों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
⏱️ 1 घंटे का सफर तय करने में लग रहे 4 घंटे: जेब और समय दोनों पर पड़ रही भारी मार
सड़क की इस बदहाली का सीधा नुकसान आम जनता की जेब और समय पर पड़ रहा है। जो सफर पहले महज 1 घंटे में पूरा हो जाता था, उसे तय करने में अब 4 घंटे तक का समय लग रहा है। इसके साथ ही, खस्ताहाल रास्ते की वजह से ट्रकों और बसों के स्पेयर पार्ट्स, टायर तथा सस्पेंशन खराब हो रहे हैं, जिससे मालवाहक वाहनों के किराए और मेंटेनेंस खर्च में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। चालकों का कहना है कि गाड़ियों का डीजल एवरेज बिगड़ने से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
🗺️ तीन राज्यों को जोड़ने वाला है रणनीतिक मार्ग: PWD का दावा- टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
यह स्टेट हाईवे केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान को आपस में जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से भारी वाहनों के साथ-साथ चारधाम यात्रा की बसें भी गुजरती हैं। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के बीच जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री पुष्कर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण और सुधार के लिए वरिष्ठ कार्यालय से अनुमतियाँ मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अनुमति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
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