एमपी हाईकोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को दिया बड़ा झटका, प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा पर फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में बीएड डिग्री के आधार पर पात्रता का दावा करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश देते हुए बीएड (B.Ed) डिग्री के आधार पर पात्रता का दावा करने वाली जबलपुर निवासी अभ्यर्थी अपूर्वा शर्मा की याचिका को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए केवल बीएड की डिग्री को निर्धारित न्यूनतम व्यावसायिक योग्यता का विकल्प नहीं माना जा सकता है। नियमानुसार इस पद के लिए डीएलएड (D.El.Ed) या समकक्ष अन्य योग्यता का होना अनिवार्य है।
📋 दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपात्र घोषित हुई थीं याचिकाकर्ता: वर्ष 2018 में की थी बीएड की डिग्री प्राप्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता अपूर्वा शर्मा ने वर्ष 2018 में बीएड की डिग्री हासिल की थी और इसके बाद वर्ष 2020 में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की थी। हाल ही में आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में सफलता प्राप्त करने के बावजूद, जब दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) की प्रक्रिया पूरी की गई, तो उन्हें निर्धारित व्यावसायिक योग्यता न होने के कारण अपात्र घोषित कर दिया गया था। इसी निर्णय के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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