डिजिटल अरेस्ट कर 55 लाख की ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, हैदराबाद और कर्नाटक तक पहुँची पुलिस
रतलाम में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर व्यवसायी से 55 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच जारी है।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के नाम पर कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करने वाले एक व्यवसायी से 55 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रतलाम पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए हैदराबाद और कर्नाटक से तीन मुख्य आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस ठगी से जुड़े करीब 20 लाख रुपये होल्ड करवा दिए हैं, जबकि न्यायालय ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
📞 मुंबई पुलिस बनकर डराया: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से नाम जुड़ने का झांसा देकर की ठगी
एसपी अमित कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित व्यवसायी कुछ दिनों से रतलाम में रह रहे थे। गत 15 सितंबर को उन्हें एक फोन आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई के कोलाबा क्षेत्र का पुलिस अधिकारी बताकर उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े व्यक्ति से बातचीत में होने का गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से फोन कर एफआईआर दर्ज होने का भय दिखाया गया और 16 सितंबर को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने लोगों से बात कराकर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी लेटरहेड पर दस्तावेज भेज दिए गए। जाँच और सत्यापन के नाम पर डरा-धमकाकर आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग खातों में 55 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
🔍 हैदराबाद और कर्नाटक तक पहुँची पुलिस: कोर्ट परिसर में वकीलों व साथियों के बीच से दोबारा दबोचा आरोपी
साइबर सेल की जाँच में एक्सिस बैंक के खाते में 35 लाख रुपये पहुँचने की जानकारी मिली, जो 'श्री वेंकटेश्वरा प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी से जुड़ा था। इसके आधार पर पुलिस टीम तेलंगाना के हैदराबाद पहुँची और 47 वर्षीय कोडारी वेंकटेश को गिरफ्तार किया। इस दौरान 5 अक्टूबर को जब ट्रांजिट रिमांड पर कोर्ट परिसर में उसे लाया जा रहा था, तब उसके साथियों और वकीलों ने पुलिस टीम को घेरकर उसे छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिस ने तुरंत गेट के पास उसे दोबारा दबोच लिया। इसके अलावा, कर्नाटक के धारवाड़ निवासी अशोक अन्यया और हैदराबाद के मीर यूसुफ की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य फर्जीवाड़े करने वालों की तलाश कर रही है।
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