मध्य प्रदेश में अोषित बिजली कटौती पर भारतीय किसान संघ ने खोला मोर्चा, सरकार को दिया अल्टीमेटम
मध्य प्रदेश में अोषित बिजली कटौती, खाद संकट और सोयाबीन के दामों को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को दशहरे तक का अल्टीमेटम दिया है।
मध्य प्रदेश में इन दिनों अोषित बिजली कटौती और बिजली संकट सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक तरफ राज्य को 'सरप्लस स्टेट' बताने के दावे किए जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से त्रस्त होकर अब 'भारतीय किसान संघ' ने सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। किसान संघ ने बिजली कटौती के साथ-साथ खाद, बीज और समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी के मुद्दों को लेकर सरकार को दशहरे तक का अल्टीमेटम सौंपा है।
🌾 सोयाबीन और धान की खरीदी पर 'भावांतर' के विरोध में किसान संघ: सीएम से मिलने का नहीं मिला समय
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की गंभीर समस्याओं पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री समय तक देने को तैयार नहीं हैं। संघ ने सोयाबीन की फसल भावांतर योजना के तहत खरीदे जाने के प्रस्ताव पर भी तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि जब फसलों के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पहले से तय है, तो सरकार भावांतर का शिगूफा क्यों छोड़ रही है। इसके अलावा, कई जिलों में मंडियों की व्यवस्था चरमरा गई है और प्रदेशभर में बीज व खाद का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सूखाग्रस्त जिलों के लिए कम पानी वाले आवश्यक बीज भी किसानों को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
📱 ई-टोकन व्यवस्था पर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप: कांग्रेस ने भी मेंटेनेंस कटौती पर बोला हमला
किसान संघ ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से 'ई-टोकन' के नाम पर किसानों को बुरी तरह परेशान किया जा रहा है। अधिकारियों ने दफ्तरों में बैठकर ऐसी व्यवस्था बना दी है कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, और कई जिलों में किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरते हुए कहा है कि राजधानी भोपाल सहित शहरी क्षेत्रों में हर दिन 'मेंटेनेंस' के नाम पर मनमाने तरीके से बिजली काटी जा रही है, जिससे आम जनता और व्यापारी वर्ग दोनों परेशान हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)