दमोह के दो सरकारी स्कूलों के बच्चों का कमाल, भारत मंडपम की प्रदर्शनी में चमके 'भार सहायक' और 'वाटर टैप कवर' मॉडल

दमोह के दो सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए 'भार सहायक' और 'वाटर टैप कवर' मॉडल का चयन दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए हुआ है।

Oct 13, 2026 - 19:24
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दमोह के दो सरकारी स्कूलों के बच्चों का कमाल, भारत मंडपम की प्रदर्शनी में चमके 'भार सहायक' और 'वाटर टैप कवर' मॉडल

कहा जाता है कि होनहार बच्चों की प्रतिभा बचपन से ही दिखने लगती है। इसी बात को सच साबित करते हुए दमोह जिले के दो सरकारी स्कूलों के बच्चों ने बड़े-बड़े महंगे प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन दोनों होनहार विद्यार्थियों द्वारा 'इंस्पायर अवार्ड योजना' के तहत तैयार किए गए विशेष मॉडलों का चयन दिल्ली के प्रतिष्ठित 'भारत मंडपम' में आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए किया गया, जहाँ उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आविष्कारों की चारों तरफ सराहना हो रही है।

🛒 मजदूरों और किसानों की परेशानी दूर करेगा राजा प्रजापति का 'भार सहायक' (ट्रेंजर) मॉडल

जिला, संभागीय और प्रदेश स्तर की प्रदर्शनियों में सफलता हासिल करने के बाद, हटा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले हाई स्कूल सोजना के कक्षा 10वीं के छात्र राजा प्रजापति ने शिक्षक सूर्यकांत कोरी के मार्गदर्शन में यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने भारी वजन ढोने वाले किसानों, मजदूरों और महिलाओं की कठिनाइयों को कम करने के लिए 'भार सहायक' (या ट्रेंजर) नामक एक बैटरी-माउंटेड ट्रॉली का मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल में पहिया, मोबाइल चार्जर, पानी की बोतल का स्टैंड और एक छोटा पंखा भी लगाया गया है, जिससे काम के दौरान थकान होने पर मजदूर ठंडी हवा का आनंद लेने के साथ-साथ अपना मोबाइल भी चार्ज कर सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से यह प्रोजेक्ट सर्वाइकल और स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

🚰 छात्रा भुवनेश्वरी चक्रवर्ती ने बनाया 'वाटर टैप कवर': दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

वहीं, दूसरा मॉडल नगर के सरदार पटेल हाई स्कूल की छात्रा भुवनेश्वरी चक्रवर्ती ने शिक्षक बहादुर सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया है, जिसे 'वाटर टैप कवर' नाम दिया गया है। ग्रामीण या खुले क्षेत्रों में अक्सर नल खुले रह जाने से पशु-पक्षी उन्हें झूठा कर देते हैं, जिससे लार के जरिए कीटाणु पानी में मिलकर टाइफाइड और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलाते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए छात्रा ने एक ऐसा सुरक्षात्मक कवर बनाया है, जिससे इस्तेमाल के बाद नल पूरी तरह सुरक्षित रहे और लोग शुद्ध पानी का सेवन कर सकें। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से पूरे दमोह जिले में गौरव का माहौल है।

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