गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 7 करोड़ टैक्स देने के बाद भी अंधेरे में उद्यमी, एसोसिएशन ने खुद लगवाई स्ट्रीट लाइटें
भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम द्वारा करोड़ों का टैक्स वसूलने के बावजूद स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। उद्यमियों ने खुद अपने खर्च पर लाइटें लगवाई हैं।
राजधानी भोपाल के प्रमुख औद्योगिक केंद्र गोविंदपुरा से नगर निगम हर साल करीब सात करोड़ रुपये का भारी-भरकम संपत्ति कर वसूल रहा है, लेकिन इसके बदले बुनियादी सुविधाएं देना तो दूर, सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें तक दुरुस्त नहीं की जा रही हैं। उद्यमी पिछले पाँच-छह साल से इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहाँ शाम ढलते ही पूरे औद्योगिक क्षेत्र में घना अंधेरा पसर जाता है। नगर निगम और प्रशासन की इस गंभीर बेरुखी से तंग आकर आखिरकार उद्यमियों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा है और गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने अपने निजी फंड से 600 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खरीदकर फैक्ट्रियों के बाहर लगवाई हैं।
🔒 चोरी की बढ़ती वारदातों और अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी: डर के साए में काम करने को मजबूर हैं श्रमिक
स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण इस क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों और चोरियों में तेजी से इजाफा हुआ है, जहाँ सालभर में औद्योगिक इकाइयों के भीतर 12 से 15 चोरी की बड़ी वारदातें हो चुकी हैं। फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों श्रमिक और कर्मचारी रात के समय डर के साए में आवाजाही करने को मजबूर हैं। इसके अलावा, कबाड़ियों के अवैध कब्जों और आसपास की चार झुग्गी बस्तियों (आदर्श नगर, गौतम नगर आदि) के फैलाव ने यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक गंभीर बना दिया है। उद्यमियों ने मांग की है कि वसूले जाने वाले टैक्स का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र के विकास और रखरखाव पर खर्च किया जाए।
📊 गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र: एक नजर में मुख्य आंकड़े
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स्थापना वर्ष: 1968
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क्षेत्रफल: लगभग 700 एकड़ में फैला हुआ
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कुल इकाइयाँ: 1157 औद्योगिक इकाइयाँ
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श्रमिक: 30 हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत
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प्रमुख उद्योग: ट्रांसफार्मर, मोटर, जनरेटर, टरबाइन, स्विचगियर उपकरण एवं इंजीनियरिंग व पावर सेक्टर।
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