समय पर दफ्तर न आने पर होगी निगरानी, 15 से 30 अक्टूबर तक अधिकारियों-कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन
मध्य प्रदेश मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति के लिए फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम और 100 से अधिक CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल स्थित मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में 'फेस रिकग्निशन' आधारित डिजिटल हाजिरी प्रणाली (Face Recognition Attendance System) लागू की जा रही है। दफ्तर में कौन कर्मचारी या अधिकारी किस समय आया और कौन अनुपस्थित रहा, इसकी कड़ी निगरानी के लिए तीनों प्रमुख प्रशासनिक भवनों में 100 से अधिक आधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।
🗓️ 15 से 30 अक्टूबर तक चलेगा ऑनलाइन पंजीयन: रोस्टर जारी
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की अधीक्षण शाखा ने मंत्रालय के तीनों भवनों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के बायोमेट्रिक व फेस रजिस्ट्रेशन के लिए अक्टूबर का तिथिवार रोस्टर जारी कर दिया है। 15 से 30 अक्टूबर के बीच तकनीकी टीमों की मौजूदगी में वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन के सी-विंग और सतपुड़ा भवन के पेंशन विभाग में पंजीयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस आधुनिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
🗣️ कर्मचारी संघ ने किया स्वागत, रखी समान नियम लागू करने की शर्त
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भोपाल के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर दफ्तर पहुंचना हर सरकारी सेवक की जिम्मेदारी है। हालांकि, संघ ने यह मांग भी उठाई है कि फेस रिकग्निशन और सीसीटीवी से निगरानी की यह व्यवस्था केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि बड़े आईएएस और वरिष्ठ अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू की जाए। कर्मचारी संगठनों ने डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है, बशर्ते कार्रवाई और जवाबदेही के स्तर पर कोई भेदभाव न हो।
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