आदिवासी छात्रों को अपशब्द कहने और धमकाने वाले टीआई रतन सिंह निलंबित, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
भोपाल के मिसरोद थाने में आदिवासी छात्रों को अपशब्द कहने वाले टीआई रतन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर भोपाल में हुए आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के बाद उनके साथ अभद्र व्यवहार करने वाले मिसरोद इलाके के थाना प्रभारी (टीआई) पर आखिरकार गाज गिर गई है। थाना प्रभारी ने प्रदर्शन के दौरान आदिवासी छात्रों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने टीआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
✊ 'जय जोहार' नारे पर भड़के थे टीआई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की छात्र इकाई के बैनर तले छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और इस दौरान 'जय जोहार' के नारे लगा रहे थे। मिसरोद थाना प्रभारी इस अभिवादन और नारे पर भड़क गए थे और उन्होंने छात्रों के साथ गाली-गलौज व अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें पीटने की धमकी भी दी थी। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आदिवासी समाज के कई जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
⚖️ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की एफआईआर की मांग, मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कही कार्रवाई की बात
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि 'जोहार' हमारी संस्कृति, पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक है, और इसका अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर मध्य प्रदेश शासन के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरी घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। संवेदनशील सरकार ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए इंस्पेक्टर रतन सिंह को निलंबित कर जांच बैठा दी है, और पीड़ित समाज को पूरा न्याय दिलाया जाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)