मध्य प्रदेश में गहराया बिजली संकट, मांग और आपूर्ति में 4000 मेगावाट का अंतर; यूपी-पंजाब और गुजरात से होगी बिजली की सप्लाई

मध्य प्रदेश में बिजली की मांग 44% बढ़ने से गहराए संकट से निपटने के लिए सरकार ने यूपी, पंजाब और गुजरात से बिजली खरीदने का फैसला किया है। सरदार सरोवर से भी उत्पादन शुरू।

Oct 16, 2026 - 19:20
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मध्य प्रदेश में गहराया बिजली संकट, मांग और आपूर्ति में 4000 मेगावाट का अंतर; यूपी-पंजाब और गुजरात से होगी बिजली की सप्लाई

भोपाल। मध्य प्रदेश में अचानक बढ़ी बिजली की मांग ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली की डिमांड और सप्लाई में करीब 4 हजार मेगावाट से ज्यादा का भारी अंतर पैदा हो गया है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस विकट स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से बिजली खरीदने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सरदार सरोवर परियोजना और बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट में भी बिजली का उत्पादन दोबारा शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वस्त किया है कि इस अस्थायी बिजली संकट को जल्द ही पूरी तरह से दूर कर लिया जाएगा।

📈 44 फीसदी तक बढ़ी बिजली की डिमांड, कृषि और ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के चलते बढ़ी खपत

प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग उछलकर 17,124 मेगावाट तक पहुँच गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 11,874 मेगावाट था। इस तरह बिजली की खपत में लगभग 44 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अलावा ग्रामीण इलाकों में रबी सीजन की बोवनी और धान की सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने से ये हालात बने हैं। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन में लगभग 1000 मेगावाट की कमी आने से संकट और गहरा गया है। सीहोर, बैतूल, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, हरदा, नर्मदापुरम और रायसेन जैसे जिलों में शाम के समय मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 5 घंटे तक की बिजली कटौती करनी पड़ रही है।

🤝 दूसरे राज्यों से होगी बिजली की आपूर्ति, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने दी जानकारी

किसानों के विरोध प्रदर्शन और कैबिनेट बैठकों में उठे मुद्दों के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह के अनुसार, कोयले की कमी और बढ़ती मांग का यह असर देश के कई अन्य राज्यों में भी है। इस कमी को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से बिजली लेने की व्यवस्था की है। मुख्य सचिव स्तर पर बातचीत के बाद, पंजाब और उत्तर प्रदेश से 500-500 मेगावाट बिजली ली जा रही है। साथ ही, बिरसिंहपुर थर्मल और सरदार सरोवर परियोजना से भी उत्पादन शुरू होने से राज्य को बड़ी राहत मिली है, और सरकार का दावा है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

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