खरगोन में 408 साल पुरानी परंपरा से निकला मां महाकाली का खप्पर, तड़के 4 बजे उमड़ा आस्था का जनसैलाब
खरगोन में भावसार क्षत्रिय समाज की 408 साल पुरानी परंपरा के तहत तड़के 4 बजे निकली मां महाकाली की सवारी। नरसिंह-हिरण्यकश्यप स्वांग से समापन।
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में मां महाकाली के जयकारों और ढोल-मंजीरों की गूंज के बीच मंगलवार तड़के 4 बजे भावसार मोहल्ले में मां महाकाली की भव्य सवारी निकली। भावसार क्षत्रिय समाज की 408 साल पुरानी ऐतिहासिक परंपरा के तहत आयोजित खप्पर उत्सव में महानवमी के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और देवी आराधना के बीच मां महाकाली के स्वरूप में अमित जगदीश भावसार ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा और गरबियों के बीच आयोजित इस आयोजन में समाज की नई पीढ़ी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है, जो इस अनूठी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है।
🦁 नरसिंह-हिरण्यकश्यप के जीवंत स्वांग के साथ दो दिवसीय उत्सव का समापन: समाजजनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
उत्सव के समापन अवसर पर भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप के पौराणिक प्रसंग पर आधारित स्वांग प्रस्तुत किया गया। इसमें अभिषेक भावसार 'लाल' ने भगवान नरसिंह तथा उदित संतोष भावसार ने हिरण्यकश्यप का अभिनय किया। भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार द्वारा हिरण्यकश्यप के वध के इस प्रसंग ने अहंकार के अंत और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया। इस दो दिवसीय भव्य आयोजन में भावसार क्षत्रिय समाज खरगोन के अध्यक्ष सुनील भावसार, जगदीश भावसार, राम भावसार, डॉ. गौरव भावसार, शैलू भावसार, रवि भावसार सहित बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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