अल्बानिया, इटली और फ्रांस में भड़की हिंसा की आग, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा
यूरोप के अल्बानिया, इटली और फ्रांस में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन। हिंसक झड़पों, आगजनी और लूटपाट के बाद कई शहरों में सख्ती और कर्फ्यू लागू।
दुनिया के सामने खुशहाली और शांति का प्रतीक माने जाने वाले यूरोपीय देश इन दिनों भयंकर अशांति और हिंसा की चपेट में हैं। अल्बानिया से लेकर फ्रांस और इटली तक, लाखों की संख्या में युवा और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। बढ़ते रहने-सहने के खर्च (महंगाई), कम वेतन, बेरोजगारी और शिक्षा बजट में कटौती के खिलाफ हो रहे ये प्रदर्शन बेहद उग्र रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं, जबकि कई प्रमुख शहरों में आगजनी और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सरकारों की चिंता बढ़ गई है।
🏛️ अल्बानिया में पीएम रामा के इस्तीफे की मांग, इटली-फ्रांस में सख्त कानून, नाइट कर्फ्यू और सैनिकों की तैनाती
अल्बानिया में प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एडी रामा के 13 साल के कार्यकाल के खिलाफ इस्तीफा मांग रहे हैं, जहां हिंसक झड़पों में 300 से अधिक लोग घायल और गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, इटली के मिलान समेत कई शहरों में पीएम जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने नए कड़े सुरक्षा नियमों को मंजूरी देते हुए मिलान में 500 सैनिकों की तैनाती की है और हिंसा करने वालों पर भारी जुर्माने व जेल का प्रावधान किया है। इसके अलावा फ्रांस में स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक बनी हुई है, जहां पेरिस, मार्सिले और लियोन जैसे शहरों में भारी तोड़फोड़ के बाद आंशिक व नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है और 2,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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