बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास करंट लगने से चीतल की मौत, खेत की फेंसिंग में दौड़ाया गया था करंट
उमरिया में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे महामन गांव में खेत की बिजली वाली तार की बाड़ की चपेट में आने से एक चीतल की मौत हो गई। वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। टाइगर रिजर्व के परासी बीट के अंतर्गत महामन गांव के राजस्व क्षेत्र में एक खेत की मेड़ के नीचे मृत अवस्था में चीतल मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाई गई जीआई (GI) तार की बाड़ में अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था, जिसकी चपेट में आने से इस बेकसूर वन्यजीव की दर्दनाक मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
🔍 रात में गश्त के दौरान वनकर्मियों को मिला शव: चार परतों में की गई थी तार की फेंसिंग, वेटरनरी डॉक्टर ने किया परीक्षण
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने जानकारी देते हुए बताया कि परासी बीट में तैनात बीट गार्ड और सुरक्षा श्रमिक रात्रि गश्त कर रहे थे, तभी कक्ष क्रमांक पी-114 से लगे महामन गांव के खेत की मेड़ के पास चीतल का शव बरामद हुआ। अंधेरा होने के कारण रात में विस्तृत जांच नहीं हो सकी, लेकिन अगले दिन पर्याप्त रोशनी में जब विभागीय अमले ने मौका मुआयना किया तो पाया कि धान की फसल की सुरक्षा के लिए लकड़ी के सहारे चार परतों में जीआई तार की फेंसिंग की गई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बाड़ को घरेलू बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया था। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मृत चीतल का पोस्टमार्टम और परीक्षण कराने के बाद नियमानुसार शव दहन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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