जर्मन राजदूत जैस्पर वीक का बड़ा बयान, कहा—भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत

भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई रफ्तार। जर्मन राजदूत डॉ. जैस्पर वीक ने पनडुब्बी डील और रक्षा निर्यात लाइसेंस पर कही बड़ी बात।

Sep 23, 2026 - 19:27
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जर्मन राजदूत जैस्पर वीक का बड़ा बयान, कहा—भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत

भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. भारत में जर्मनी के नए राजदूत डॉ. जैस्पर वीक ने कहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है. जर्मनी की ओर से भारत को एक बड़ा डिफेंस ऑफर दिया गया है, जिसके तहत हथियारों के एक्सपोर्ट लाइसेंस और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी. जरूरी मंजूरी मिलने के बाद दोनों देश प्रस्तावित पनडुब्बी साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

✈️ 2. ‘तरंग शक्ति’ और ‘मिलियन’ नौसैनिक अभ्यास में जर्मनी की अहम भागीदारी, मैरिटाइम सिक्योरिटी पर हो रहा है विशेष फोकस

जर्मन राजदूत ने बताया कि भारत में होने वाले 'तरंग शक्ति' (Tarang Shakti) एयर एक्सरसाइज में जर्मनी अपने A400M ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा लेगा. इससे पहले जर्मनी 'यूरोफाइटर' के साथ भी भारतीय सैन्य अभ्यासों का हिस्सा बन चुका है. इसके अलावा, 'मिलियन' नौसैनिक अभ्यास में भी जर्मनी ने अपने P-8 मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट के साथ भाग लिया है. इंडो-पैसिफिक मैरिटाइम सिक्योरिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली स्थित 'इंडो-पैसिफिक इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर' में जर्मनी का एक लिआइसन ऑफिसर भी तैनात है, जो हिंद महासागर में सूचना साझा करने में सहयोग कर रहा है.

🤝 3. क्षेत्रीय चुनावों का रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर, भारत-यूईएफए (FTA), ग्रीन एनर्जी और एआई पैक्ट पर भी रहेगा जोर

जर्मनी में हुए क्षेत्रीय चुनावों में AfD पार्टी की बढ़त को लेकर राजदूत ने स्पष्ट किया कि इससे भारत-जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि विदेश और व्यापार नीति संघीय सरकार के अधीन आती है. राजदूत वीक ने इस साल के अंत तक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने की उम्मीद जताई है, जिससे दोनों देशों के व्यापार में भारी उछाल आने की संभावना है. इसके साथ ही, फरवरी से लागू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पैक्ट, ग्रीन एनर्जी और जर्मनी में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या (करीब 70 हजार) द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव को दर्शाती है.

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