डबरा के पते पर बने फर्जी पासपोर्ट का मास्टरमाइंड बौद्ध भिक्षु ज्ञान ज्योति गिरफ्तार; STF ने कसे शिकंजे

ग्वालियर के डबरा फर्जी पासपोर्ट मामले में एसटीएफ (STF) ने बौद्ध भिक्षु ज्ञान ज्योति उर्फ गया प्रसाद गौतम को गिरफ्तार किया है। बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट वेरिफिकेशन में था मुख्य गवाह।

Sep 24, 2026 - 20:38
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डबरा के पते पर बने फर्जी पासपोर्ट का मास्टरमाइंड बौद्ध भिक्षु ज्ञान ज्योति गिरफ्तार; STF ने कसे शिकंजे

ग्वालियर। ग्वालियर जिले के डबरा के पते पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के सनसनीखेज मामले में आए दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मामले की गहन जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने डबरा के रहने वाले बौद्ध भिक्षु ज्ञान ज्योति उर्फ गया प्रसाद गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी डबरा के एक ही पते पर बने बांग्लादेशियों के 3 फर्जी पासपोर्ट के आवेदनों में मुख्य गवाह (Witness) के तौर पर शामिल था।

🔍 17 से शुरू हुई जांच 70 फर्जी पासपोर्ट तक पहुँची: मुख्य आरोपी रियाल चौधरी समेत 5 अब तक गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ग्वालियर में बांग्लादेशियों के 17 फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का भंडाफोड़ हुआ था।

इसके बाद एसटीएफ द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में इनसे जुड़े संदिग्ध आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। अब तक इस मामले में 5 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। शुरुआती जांच में एसटीएफ ने कुल 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि की थी, जो अवैध रूप से आए बांग्लादेशियों द्वारा कूटरचित और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए थे। इसमें मुख्य सरगना 'रियाल चौधरी' को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था।

✍️ वेरिफिकेशन में फर्जी गवाह बनता था बौद्ध भिक्षु: एक ही पते पर बने 3 पासपोर्ट पर मिले हस्ताक्षर

एसटीएफ की जांच के दौरान इन फर्जी दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) में एक ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आया, जिसके हस्ताक्षर मुख्य गवाह के रूप में थे।

जांच अधिकारी जब इस कड़ी तक पहुँचे तो आरोपी बौद्ध भिक्षु ज्ञान ज्योति उर्फ गया प्रसाद गौतम का नाम उजागर हुआ, जो मूल रूप से ग्वालियर के चीनोर क्षेत्र स्थित बनवारपुरा गांव का निवासी है। डबरा के एक ही पते पर जारी किए गए पासपोर्टों में से 3 पासपोर्ट में इसी ज्ञान ज्योति के हस्ताक्षर गवाह के तौर पर दर्ज थे। यह आरोपी पैसों के एवज में फर्जी पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए गवाह बनता था।

📜 35 साल पहले रह चुका है सरपंच: पैसों के लालच में फर्जी वेरिफिकेशन में की मदद

एसटीएफ एसपी (STF SP) राजेश सिंह भदौरिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "जांच में सामने आया है कि आरोपी ज्ञान ज्योति ने वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म अपनाया था। उससे पहले उसका नाम गया प्रसाद गौतम था। गया प्रसाद वर्ष 1991 में अपने ग्राम बनवारपुरा का सरपंच भी रह चुका है। बौद्ध धर्म अपनाने के बाद वह 2021-22 में डबरा के सेमरिया टेकरी स्थित अंबेडकर पार्क में रहने लगा था।"

उन्होंने आगे बताया कि यहीं उसकी मुलाकात बौद्ध भिक्षु मितानंद स्वामी उर्फ रियाल चौधरी (मुख्य आरोपी) से हुई थी। रियाल चौधरी के उकसाने और चंद पैसों के लालच में आकर पूर्व सरपंच गया प्रसाद ने अवैध बांग्लादेशियों के पासपोर्ट वेरिफिकेशन में फर्जी तरीके से मदद की।

🚔 7 अन्य आरोपियों और आधा दर्जन बांग्लादेशियों की मिली लीड: जल्द होगी गिरफ्तारी

एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने कहा कि आरोपी गया प्रसाद की सटीक लोकेशन मिलने के बाद उसे उसके पैतृक गांव बनवारपुरा से गिरफ्तार किया गया।

एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि (पूर्व सरपंच) रहने के बावजूद उसने पैसों के लालच में पासपोर्ट जैसी देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील प्रक्रिया में धांधली की, जो एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। आरोपी से कड़ी पूछताछ के दौरान 7 अन्य मददगारों और करीब आधा दर्जन ऐसे बांग्लादेशी नागरिकों के सुराग मिले हैं, जिनके पासपोर्ट फर्जी तरीके से बने हैं। एसटीएफ की टीम इन सभी लीड्स पर तेजी से काम कर रही है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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