त्योहारों से पहले दालों के दाम में लगी आग; भोपाल में ₹32 महंगी हुई तुवर दाल, देखें सभी दालों के रेट
भोपाल के थोक बाजार में त्योहारों से ठीक पहले दालों के दाम में भारी बढ़ोतरी! तुवर दाल 1 साल में ₹32 और 1 हफ्ते में ₹10 तक महंगी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
भोपाल। आगामी त्योहारों और शादियों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले दालों की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के थोक किराना बाजार में सितंबर 2025 की तुलना में इस साल (सितंबर 2026) तुवर दाल ₹32 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। इसके अलावा, उड़द मोगर के भाव में ₹23 और चना दाल की कीमत में ₹8 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि तुवर दाल के दाम में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही करीब ₹10 प्रति किलो की तेजी आई है।
📈 खुदरा बाजार पर भी बढ़ेगा कीमतों का दबाव: भोपाल थोक बाजार में रोजाना 150 क्विंटल तुवर दाल की मांग
थोक कीमतों में आई इस अचानक तेजी से आने वाले दिनों में खुदरा (Retail) बाजार में भी उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ने की पूरी आशंका है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के अनुसार, बेहतर गुणवत्ता वाली तुवर दाल एक सप्ताह पहले करीब ₹119 प्रति किलो बिक रही थी, जो अब बढ़कर ₹130 प्रति किलो हो गई है। जबकि 1 सितंबर को इसका थोक भाव लगभग ₹111 प्रति किलो था। यानी सितंबर माह की शुरुआत से अब तक तुवर दाल में ₹19 प्रति किलो की तेजी आ चुकी है। गौरतलब है कि भोपाल के थोक बाजार में रोजाना औसतन 150 क्विंटल तुवर दाल की खपत/मांग रहती है।
📊 1 साल में कितना बदला दालों का थोक भाव (सितंबर 2025 बनाम सितंबर 2026)
भोपाल के थोक बाजार के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार विभिन्न दालों की दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
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तुवर दाल: सितंबर 2025 में ₹98/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹130/किग्रा (₹32 की बढ़ोतरी)
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उड़द मोगर: सितंबर 2025 में ₹82/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹105/किग्रा (₹23 की बढ़ोतरी)
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चना दाल: सितंबर 2025 में ₹72/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹80/किग्रा (₹8 की बढ़ोतरी)
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हरी मूंग: सितंबर 2025 में ₹85/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹89/किग्रा (₹4 की बढ़ोतरी)
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मूंग मोगर: सितंबर 2025 में ₹90/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹93/किग्रा (₹3 की बढ़ोतरी)
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मसूर दाल: सितंबर 2025 में ₹75/किग्रा ➔ सितंबर 2026 में ₹76/किग्रा (₹1 की बढ़ोतरी)
📦 मसूर दाल की रोजाना 100 क्विंटल की मांग: उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स लागत भी बड़ी वजह
मसूर दाल के भाव में भले ही एक साल के भीतर महज ₹1 प्रति किलो की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बाजार में इसकी कुल मांग काफी अधिक है।
भोपाल में मसूर एवं अन्य दालों की रोजाना लगभग 100 क्विंटल की मांग बनी रहती है। ऐसे में मांग और उपलब्धता के बीच मामूली अंतर का असर भी कुल व्यापार पर बड़ा प्रभाव डालता है। दलहन उत्पादक राज्यों में मानसूनी बारिश, बुवाई के क्षेत्रफल और संभावित उत्पादन का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा म्यांमार और कनाडा जैसे देशों से होने वाले आयात, अंतरराष्ट्रीय दरों और लॉजिस्टिक्स लागत का प्रभाव भी स्थानीय बाजार पर दिख रहा है।
🏛️ बफर स्टॉक बाजार में जारी करने की मांग: व्यापारियों ने सरकार से हस्तक्षेप की जताई उम्मीद
किराना व्यापारी महासंघ के प्रतिनिधि विवेक साहू का कहना है कि जिस प्रकार हाल ही में शक्कर बाजार में केंद्र सरकार के समयबद्ध हस्तक्षेप से कीमतें नियंत्रित हुईं, ठीक उसी तर्ज पर दालों में भी बफर स्टॉक जारी किया जाना चाहिए।
यदि सरकार बफर स्टॉक को खुले बाजार में उपलब्ध कराती है, तो तुवर दाल सहित अन्य दालों की अनियंत्रित होती कीमतों को थामने में बड़ी मदद मिलेगी। फिलहाल नवरात्रि, करवाचौथ, दीपावली और फिर आगामी लग्न-शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए कारोबारी पहले से स्टॉक तैयार करने में जुटे हैं। जब तक उत्पादक क्षेत्रों से नई फसलों की आवक पूरी तरह शुरू नहीं हो जाती, तब तक बाजार में उपलब्धता ही दरों को तय करने का मुख्य कारक रहेगी।
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