आधी रात को बेल्ट से पीटा फिर दागे हाथ; मंडला छात्रावास की खौफनाक घटना से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
मंडला के पाठा सिहोरा छात्रावास में चोरी के शक में 3 जूनियर छात्रों को बेल्ट से पीटा गया और हाथों पर जलते अंगारे रखे गए। विभाग ने थमाया नोटिस।
मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले अंतर्गत नैनपुर क्षेत्र के पाठा सिहोरा स्थित सीनियर व जूनियर बालक छात्रावास से एक हैरान और शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। हॉस्टल के भीतर चोरी के मामूली शक में सीनियर छात्रों ने आधी रात को नींद से उठाकर 3 जूनियर छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की। बर्बरता की हद तो तब पार हो गई जब मासूमों के हाथों पर जलते हुए अंगारे रख दिए गए। इस सनसनीखेज वारदात ने सरकारी हॉस्टलों में रहने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🕯️ आधी रात को बेल्ट से पीटा और फिर जलाए हाथ: 3 दिन बाद तस्वीरें देखकर परिजनों के उड़े होश
पीड़ित मासूम छात्रों (नाबालिग होने के कारण पहचान गोपनीय रखी गई है) ने रोते हुए आपबीती सुनाई कि सोमवार रात करीब 1 बजे उन्हें जबरन बिस्तर से उठाया गया।
पहले बेल्ट से उनकी बेरहम पिटाई की गई और फिर अंधविश्वास व चोरी का सच उगलवाने के नाम पर उनके दोनों हाथों में जलते हुए धधकते अंगारे रख दिए गए। घटना के समय हॉस्टल के जिम्मेदार कर्मचारी व अधीक्षक कहाँ सो रहे थे, यह जांच का विषय है। घटना के 3 दिन बाद जब एक पीड़ित बच्चे ने अपने झुलसे हुए हाथों की तस्वीर नागपुर में मजदूरी कर रहे अपने पिता को भेजी, तब जाकर इस पूरी हैवानियत का भंडाफोड़ हुआ।
🚬 'पहले शिकायत करने गया तो अफसर मुंह पर उड़ा रहे थे धुआं': पीड़ित पिता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित छात्र के पिता राजेश कुलस्ते ने बताया कि वे बेहद गरीब मजदूर हैं और बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए उसे हॉस्टल में दाखिल कराया था।
पिता का आरोप है कि हॉस्टल में चल रही अव्यवस्थाओं की शिकायत वे तीन बार अधीक्षक से कर चुके थे। जब वे पहली बार शिकायत लेकर पहुंचे थे, तो जिम्मेदार अधिकारी बच्चे के सामने ही सिगरेट पी रहे थे और उसके मुंह पर धुआं उड़ा रहे थे। पिता ने कहा कि बच्चे के दोस्त की सूचना पर वे तुरंत नागपुर से मंडला पहुंचे, जहाँ बेटे ने बताया कि बड़े लड़कों ने ही उन पर यह खौफनाक अत्याचार किया है।
🔮 अंधविश्वास के खेल में मासूमों पर जुल्म: 'जिसने चोरी की होगी उसके हाथ में छाले पड़ जाएंगे'
हॉस्टल के प्रभारी (इंचार्ज) अनिल कुमार उइके ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला पैसों की चोरी से जुड़ा हुआ था।
6वीं और 7वीं कक्षा के कुछ लड़कों ने अंधविश्वास और तुगलकी फरमान का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि "जिसने पैसे चुराए होंगे, उसके हाथ में छाले पड़ जाएंगे और जो निर्दोष होगा उसका हाथ नहीं जलेगा।" इसी कुतर्क के आड़ में जूनियर छात्रों को बंधक बनाकर उनके हाथों पर जलते हुए कोयले रख दिए गए। घटना के बाद बदनामी के डर से हॉस्टल प्रबंधन ने बच्चों का गुपचुप तरीके से डिठौरी में प्राथमिक इलाज कराया था।
📜 जनजातीय कार्य विभाग ने गठित की जांच समिति: दोषी कर्मचारियों और छात्रों पर होगी सख्त कार्रवाई
घटना की जानकारी मीडिया और ग्रामीणों के माध्यम से सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
सहायक आयुक्त अरुण शुक्ला ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित छात्रावास अधीक्षक व प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आते ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और कृत्य में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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