भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट में बनेगा देश का पहला जियो पार्क, 87 करोड़ की मंजूरी से चमकेगी नर्मदा घाटी

मध्य प्रदेश के जबलपुर में भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट के पास देश का पहला जियो पार्क बनेगा। 87 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Sep 27, 2026 - 19:52
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भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट में बनेगा देश का पहला जियो पार्क, 87 करोड़ की मंजूरी से चमकेगी नर्मदा घाटी

भोपाल: मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर जल्द ही देश और दुनिया के नक्शे पर पर्यटन के एक नए और भव्य केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट में देश का पहला जियो पार्क और आधुनिक जियोलॉजिकल म्यूजियम बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आधिकारिक अनुमति मिल चुकी है। इस पार्क को कुल 12 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 87 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विश्व स्तरीय जियोलॉजिकल म्यूजियम, इंटरप्रिटेशन सेंटर, भव्य रॉक गार्डन और नेचर वॉक जैसी कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

🦕 क्यों खास है यह स्थान: लम्हेटा फॉर्मेशन से जुड़ा है पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व

भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट में 'स्वदेश दर्शन 2.0' योजना के तहत इस अत्याधुनिक जियोलॉजिकल पार्क का निर्माण किया जाएगा। दरअसल, लम्हेटाघाट का यह पूरा इलाका पुरातात्विक और ऐतिहासिक काल से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐतिहासिक नर्मदा घाटी के लम्हेटा फॉर्मेशन से ही देश का सबसे पहला डायनासोर जीवाश्म 'टायटेनोसॉरस इंडिकस' (Titanosaurus Indicus) खोजा गया था। इस नए प्रोजेक्ट के तहत यहां की प्राचीन चट्टानों, दुर्लभ जीवाश्मों और विभिन्न खनिजों को एक शानदार पार्क के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी 18 महीने यानी फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

🏛️ यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल, संगमरमर की चट्टानें और चौसठ योगिनी मंदिर हैं मुख्य आकर्षण

यह क्षेत्र पहले से ही संभावित यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क और विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल है। यहां का सबसे मुख्य और अनूठा आकर्षण नर्मदा नदी के दोनों ओर फैली करीब 100 फीट ऊंची खूबसूरत संगमरमर की (मार्बल रॉक्स) चट्टानें, धुआंधार जलप्रपात, तथा पर्यटकों के लिए बोटिंग व रोपवे की बेहतरीन सुविधाएं हैं। इसके अलावा, इस पावन भूमि पर 10वीं शताब्दी का ऐतिहासिक और पौराणिक चौसठ योगिनी मंदिर भी शान से खड़ा है, जो देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

🏗️ इस पूरे प्रोजेक्ट में पर्यटकों के लिए क्या-क्या खास सुविधाएं होंगी?

जियो पार्क और जियोलॉजिकल म्यूजियम के इस वृहद प्रोजेक्ट के अंतर्गत पर्यटकों की सुविधा और मनोरंजन के लिए कई आकर्षक निर्माण कार्य किए जाएंगे:

  • इस क्षेत्र की अनूठी भूवैज्ञानिक विरासत को दर्शाने वाली कुल 6 थीम आधारित विशेष गैलरीज बनाई जाएंगी, जिनमें 131 आधुनिक प्रदर्शनियां होंगी।

  • जंगल के ऊपर हवा में सैर करने के लिए कांच के फर्श वाला एक रोमांचक पारदर्शी वॉकवे बनाया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक ओपन-एयर एम्फीथिएटर भी तैयार होगा।

  • पर्यटकों के मनोरंजन के लिए चक्रव्यूह की तर्ज पर एक खूबसूरत भूलभुलैया और एक बेहद आकर्षक म्यूजिकल वाटर फाउंटेन का निर्माण किया जाएगा।

  • पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक इको रिसॉर्ट्स और लग्जरी टेंट हाउस की आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • परिसर में 200 सीटों वाला एक विशाल कैफेटेरिया, एक म्यूजियम शॉप और स्थानीय हस्तशिल्पकारों के लिए विशेष बाजार बनाया जाएगा, ताकि पर्यटक यहां से स्थानीय कला और शिल्प वस्तुएं आसानी से खरीद सकें।

  • यह पूरा प्रोजेक्ट कुल 12 हेक्टेयर भूमि पर फैला होगा, जिसमें से 5,745 वर्ग मीटर में ही केवल निर्माण कार्य होगा और बाकी 90 प्रतिशत ओपन एरिया में हरा-भरा ग्रीन कवर रखा जाएगा।

🌳 90 प्रतिशत क्षेत्र रहेगा हरा-भरा, पर्यटकों का ठहराव बढ़ाने पर रहेगा जोर

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "इस परियोजना में लगभग 90 प्रतिशत या उससे भी अधिक क्षेत्र को पूरी तरह हरा-भरा रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्राकृतिक भू-दृश्य और यहां के मौजूदा पुराने पेड़ों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए ही अन्य संरचनाएं विकसित की जाएंगी, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के साथ एक गहरा जुड़ाव महसूस हो सके।" उन्होंने आगे बताया कि साल 2025 में अकेले भेड़ाघाट में 10.68 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। अभी तक ज्यादातर पर्यटक यहां सिर्फ एक दिन की ट्रिप के लिए आते हैं, लेकिन विभाग की अब यह विशेष कोशिश है कि पर्यटक यहां आएं और न केवल रुकें, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प, गाइड सेवाओं और अन्य साहसिक पर्यटन गतिविधियों का भी पूरा आनंद उठाएं।

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