सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच इस फेस्टिव सीजन में चमकेगी चांदी, बढ़ सकती है मांग
सोने की बढ़ती कीमतों के कारण इस फेस्टिव सीजन में चांदी की मांग में भारी तेजी आने की उम्मीद है, ज्वैलर्स भी कर रहे तैयारी।
कीमती धातुओं के बाजार में हमेशा से सोने को प्राथमिकता मिलती रही है, लेकिन हाल ही में सोने की कीमतें 1.50 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के पार पहुंचने के बाद अब चांदी भारत में एक शानदार विकल्प के रूप में उभर रही है. सोने के दाम इतने ऊंचे हो चुके हैं कि यह आम मध्यम-वर्गीय खरीदारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, जिससे लोग अब चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं. गहनों, मूर्तियों और अन्य कलात्मक वस्तुओं के रूप में चांदी इस बार 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन का सबसे बड़ा स्टार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.
📈 2. ज्वैलर्स की जुबानी: डायमंड से ज्यादा हो रही चांदी की कमाई, मध्यम वर्ग के लिए बेहतर तोहफा बनी चांदी
उद्योग से जुड़े जानकारों और ज्वैलर्स का मानना है कि इस फेस्टिव सीजन में आभूषणों की कुल बिक्री में चांदी की हिस्सेदारी काफी बढ़ने वाली है. सूरत के एक प्रसिद्ध ज्वैलर का कहना है कि आज उनकी सालाना कमाई का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 35 प्रतिशत) सिर्फ चांदी से आ रहा है. जहां 10 ग्राम सोने की कीमत डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, वहीं इतने ही बजट में खरीदार लगभग 650 ग्राम चांदी आसानी से खरीद सकते हैं. यही वजह है कि मध्यम वर्ग के लोग अब बजट-फ्रेंडली और आकर्षक उपहारों के रूप में चांदी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं.
🛍️ 3. चांदी की खरीद में 18 फीसदी तक के उछाल का अनुमान, सरकार द्वारा इंपोर्ट नियमों में ढील का मिला फायदा
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, इस दिवाली और नवरात्रि के सीजन में चांदी की कुल खरीद पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 17 से 18 फीसदी तक अधिक रहने का अनुमान है. राहत की बात यह है कि बाजार में चांदी की सप्लाई को लेकर कोई कमी नहीं है, क्योंकि सरकार ने जुलाई महीने में चांदी के आयात (इंपोर्ट) पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे दी थी. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इसके बाद से अगस्त में चांदी का आयात 1 अरब डॉलर के पार पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 127% अधिक है.
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