पुलिस से बचकर भाग रहे रेत से भरे ट्रैक्टर ने कार को 50 मीटर तक घसीटा, चंबल अवैध खनन का खौफनाक वीडियो
मुरैना में पुलिस से बचने के लिए तेज रफ्तार से भाग रही रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक कार को 50 मीटर तक घसीटा, जिसका डरावना सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में चंबल की अवैध रेत का काला कारोबार अब सड़कों पर किस हद तक खतरनाक और बेकाबू हो चुका है, शहर की राठौर कॉलोनी में घटी ताजा घटना इसका एक बेहद डरावना उदाहरण है। वन विभाग और पुलिस के चंगुल से बचने के लिए रविवार की सुबह एक संकरे रास्ते और गली में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला अंधी रफ्तार में दौड़ रहा था। इसी दौरान बेकाबू हुआ एक रेत से भरा ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ी कार से जोरदार तरीके से टकरा गया और उसे करीब 50 मीटर लंबी दूरी तक सड़क पर घसीटते हुए अपने साथ ले गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
🚗 नरेश राठौर की कार को बनाया निशाना: काली माता के दर्शन कर लौटे थे दंपती, पीछे दौड़ रहे थे पुलिसकर्मी
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, राठौर कॉलोनी निवासी नरेश राठौर अपनी पत्नी के साथ स्थानीय काली माता के मंदिर में दर्शन करने के पश्चात सुरक्षित अपने घर वापस लौटे थे। वे अपनी पत्नी को घर के बाहर उतारने के बाद जैसे ही अपनी गाड़ी को व्यवस्थित रूप से साइड में लगा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि सामने से तेज रफ्तार में चंबल की रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का एक बड़ा काफिला अंधाधुंध भागता चला आ रहा था। इन तमाम अवैध वाहनों के पीछे वर्दीधारी दो पुलिसकर्मी भी उन्हें रोकने के लिए दौड़ रहे थे।
🎥 सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ खौफनाक मंजर: एक के पीछे एक निकलीं 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, वन अमला रहा खाली हाथ
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने के लिए कथित तौर पर रास्ते में पत्थर और डंडे फेंके जा रहे थे। इसी भगदड़ और पुलिस से बचने की जल्दी में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सामने खड़ी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर कार को लगभग 50 मीटर तक सड़क पर घसीटता चला गया। इस अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सामने आए सीसीटीवी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक संकरी गली से एक के पीछे एक लगभग 20 रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरपट भाग रही हैं। इस दौरान एक व्यक्ति चलते हुए ट्रैक्टर पर चढ़कर ट्रॉली का ताला खोलता भी नजर आया, ताकि सड़क पर रेत फैलाकर पीछे आ रहे प्रशासन को उलझाया जा सके। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम एक भी ट्रैक्टर को पकड़ने में नाकाम साबित हुई और अमला खाली हाथ लौट गया, जिसके बाद मजबूरन जेसीबी मशीन मंगवाकर मार्ग को बंद करना पड़ा।
⚖️ प्रशासन की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद धरातल पर जस की तस स्थिति
इस पूरे मामले पर कोतवाली थाना प्रभारी अमित सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, "इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरी गई रेत आखिरकार चंबल नदी की है या सिंध नदी की। क्षतिग्रस्त कार के मालिक की ओर से अभी तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अंबाह बायपास पर 10 से 15 ट्रैक्टरों के परिवहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह भगदड़ मची। गौरतलब है कि करीब पांच महीने पहले ही देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने चंबल क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत खनन पर गहरी नाराजगी जताते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों को बहुत सख्त निर्देश दिए थे। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी संवेदनशील रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल और पुलिस-वन विभाग की संयुक्त गश्त सुनिश्चित की जानी चाहिए, लेकिन मुरैना की यह ताजा घटना जमीनी हकीकत और प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।
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