मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के सावरवानी गांव में चल रही बंगाली फिल्म की शूटिंग, आदिवासी संस्कृति बिखेरेगी जलवा
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आदिवासी गांव सावरवानी में बंगाली फिल्म 'रायसेन रहस्य' की शूटिंग चल रही है। इससे स्थानीय होमस्टे फुल हैं और ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में इन दिनों एक बंगाली फिल्म की शूटिंग जोरों-शोरों से चल रही है। यहां के आदिवासी बहुल गांव सावरवानी में बने होमस्टे अब केवल पर्यटकों के लिए बेहतरीन पिकनिक स्पॉट ही नहीं, बल्कि फिल्म डायरेक्टर्स के लिए भी एक पसंदीदा डेस्टिनेशन साबित हो रहे हैं। यही एक मुख्य वजह है कि अब छिंदवाड़ा के स्थानीय आदिवासियों की समृद्ध परंपरा, उनकी अनोखी संस्कृति और पारंपरिक खान-पान की वास्तविक झलक जल्द ही बंगाल के फिल्मी पर्दों पर भी देखने को मिलेगी।
🎥 बंगाली फिल्म डायरेक्टर्स को खूब भाया खूबसूरत सावरवानी गांव और लोकेशन
सावरवानी गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के साथ-साथ अब बंगाल फिल्म इंडस्ट्री को भी खूब भाने लगा है। सावरवानी में बंगाल से आई विशेष फिल्म यूनिट ने बंगाली भाषा में बन रही फिल्म की शूटिंग को पूरा किया है। एक सप्ताह तक चलने वाली इस शूटिंग के दौरान फिल्म का आखिरी शेड्यूल शूट किया जा रहा है। इसके अलावा, आने वाले दिसंबर महीने में यहां दो और नई फिल्मों की शूटिंग भी शुरू होने की पूरी संभावना है।
💼 जिला पंचायत सीईओ के प्रयास: ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार और होमस्टे का प्रमोशन
जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में विकास से जुड़ी कई सकारात्मक गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराने और होमस्टे के प्रचार-प्रसार के लिए बेहतरीन प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सतपुड़ा की पहाड़ियों की गोद में बसा पर्यटन ग्राम सावरवानी इन दिनों पूरी तरह से फिल्मी रंग में रंगा हुआ है। यहां पिछले एक सप्ताह से बहुचर्चित फिल्म 'रायसेन रहस्य' की शूटिंग लगातार चल रही है।
🏠 गांव के सभी होमस्टे फुल, बंगाली टीम बनी देशी खान-पान और मेहमाननवाजी की दीवानी
कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बताया कि इस फिल्म शूटिंग के चलते गांव के सभी होमस्टे पूरे एक सप्ताह के लिए पूरी तरह से फुल बुक रहे हैं और सावरवानी गांव में हर तरफ 'लाइट, कैमरा और एक्शन' की गूंज सुनाई दे रही है। इस फिल्म की शूटिंग से गांव के लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिले हैं। गांव के युवाओं को शूटिंग टीम में सह-कलाकार या सहयोगी के रूप में काम मिला है, जबकि महिलाएं कलाकारों के लिए शुद्ध देशी भोजन की व्यवस्था और पारंपरिक मेहमाननवाजी संभाल रही हैं। यह शूटिंग इस छोटे से गांव की उपलब्धियों में एक नया अध्याय साबित हो रही है।
🌲 कम खर्च में बेहतर नेचुरल लोकेशन, छिंदवाड़ा बन रहा नया शूटिंग हब
फिल्म निर्माता इंद्रजीत सिंह बैस ने बताया कि किसी भी स्टूडियो के भीतर फिल्म शूट करने पर सेट तैयार करने में सबसे ज्यादा लागत आती है, लेकिन आजकल आउटडोर शूटिंग का दौर तेजी से चल रहा है, जिसमें खर्च काफी कम आता है, शानदार नेचुरल लोकेशन मिल जाती है और पर्दे पर असली खूबसूरती दिखाई देती है। यही कारण है कि आज आउटडोर शूट के लिए छिंदवाड़ा काफी तेजी से आगे आ रहा है, क्योंकि यहां के घने हरे-भरे जंगल, सुंदर पहाड़ और आदिवासियों की गौरवशाली परंपरा कैमरे के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर अपनी चमक बिखेर रही है।
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