छतरपुर में लगातार बारिश से उड़द, तिल और मूंगफली की फसल बर्बाद, किसानों ने लगाई मुआवजे की गुहार
छतरपुर जिले में पिछले तीन दिन से हुई भारी बारिश के कारण किसानों की उड़द, तिल और मूंगफली की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिलेभर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। किसानों ने साहूकारों और बैंकों से कर्ज लेकर महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदकर खेती की थी, लेकिन आसमान से बरसी इस आफत ने उनकी उड़द और तिली की खड़ी फसल को पूरी तरह जमीन में मिला दिया है। अब अन्नदाता सरकार से तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का साफ कहना है कि यदि उन्हें जल्द आर्थिक सहायता नहीं मिली, तो उनके लिए अगली फसल की बुवाई करना बेहद असंभव हो जाएगा।
⚡ जाते-जाते मानसून ने बरपाया कहर, जिले की कई तहसीलों के किसान हुए बेहाल
छतरपुर जिले में एक बार फिर किसानों पर आसमानी आफत ने जमकर कहर बरपाया है। किसानों ने चार महीने तक लगातार पसीना बहाकर उड़द और तिल की बंपर पैदावार तैयार की थी, लेकिन लगातार तीन दिनों की मूसलाधार बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि किसानों के होश उड़ गए। इस मानसूनी आपदा का सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों के किसानों पर पड़ा है। बड़ामलहरा, बक्सवाहा, राजनगर, नौगांव, महराजपुर, छतरपुर और लवकुशनगर क्षेत्र के किसानों की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं।
🌾 राजनगर और आसपास के दो दर्जन गांवों में सड़ गई फसल, किसानों के सामने आर्थिक संकट
राजनगर तहसील क्षेत्र के खैरी, पहाड़ी धूरा, कोटा, ओटा, पूराव, देवगांव, नया गांव, उदयपुर और पीर टिकरी समेत करीब दो दर्जन गांवों में खेतों में लहलहाती उड़द और तिल की फसल बर्बाद हो गई है। स्थानीय किसान मातादीन पटेल ने बताया कि लगातार नमी और पानी भरने के कारण उड़द की फसल पूरी तरह सड़ चुकी है और तिली की फसल बिल्कुल काली पड़ गई है। इसके अलावा किसान हरि प्रसाद पटेल और जगन्नाथ पटेल ने दर्द बयां करते हुए कहा कि बुवाई और देखभाल में उनकी गाढ़ी कमाई खर्च हो चुकी थी, लेकिन अब बर्बादी से उनके सामने भयंकर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
🌊 सिंहपुर डैम के 8 गेट खुलने से निचले इलाकों में आई बाढ़, मूंगफली की फसल भी बही
भारी बारिश के चलते हालात इतने बिगड़ गए कि उर्मिल नदी पर बने सिंहपुर बैराज (डैम) के 8 गेटों को सिंचाई विभाग द्वारा 4-4 मीटर तक खोलना पड़ गया। डैम के गेट खुलने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। डैम से सटे ग्राम खपटया, देवीखेड़ा, सिलपतपुरा, भैरा, पंचमपुर और बरा डिगौनी के किसानों की लगभग 90 फीसदी मूंगफली की फसल पानी के तेज बहाव में बह गई, जिससे किसानों में हाहाकार मच गया। किसान जगदीश मिश्रा और कामता पटेल ने बताया कि तिली तो पहले ही खराब हो गई थी, जो थोड़ी बहुत मूंगफली बची थी उसे बांध के पानी ने तबाह कर दिया।
📋 प्रशासन ने दिए सर्वे के निर्देश, पीड़ित किसानों ने लगाई प्रधानमंत्री फसल बीमा की गुहार
खेरी गांव के किसान हरि पटेल और अरविंद ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराया जाए और किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा राशि का लाभ भी दिलाया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस पूरे मामले पर अपर कलेक्टर (ADM) विनय द्विवेदी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के फसल नुकसान के मामलों का गंभीरता से सर्वे करवाया जाएगा और रिपोर्ट सामने आते ही नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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