मध्य प्रदेश के 58 लाख स्कूली बच्चों को बड़ी राहत, अब यूनिफॉर्म के लिए खातों में आएंगे 600 रुपये
मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब 58 लाख छात्रों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 600 रुपए की राशि भेजी जाएगी।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले करीब 58 लाख बच्चों और उनके पालकों के लिए एक बेहद राहतभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब उन्हें ड्रेस के स्थान पर सीधे नकद राशि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की इस अहम बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। इस बैठक में स्कूली बच्चों के अलावा प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी मुहर लगाई गई।
💰 स्व-सहायता समूहों की व्यवस्था बदली, टेंडर प्रक्रिया अटकने के बाद सरकार का बड़ा कदम
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों की कक्षा 1 से 8वीं तक के 58 लाख छात्र-छात्राओं के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से यूनिफॉर्म तैयार कराकर बांटने की व्यवस्था शुरू की गई थी। लेकिन इस बार शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद बच्चों को समय पर यूनिफॉर्म नहीं मिल पाई थी। टेंडर प्रक्रिया में विभिन्न आपत्तियां आने और मामला अदालत तक पहुंच जाने के कारण पूरी प्रक्रिया अटक गई थी। जून माह में मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा 350 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन विवादों के चलते सरकार ने अब बच्चों के हित में यह फैसला लिया है कि यूनिफॉर्म की 348 करोड़ रुपए की कुल राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
🛣️ दमोह से कटनी मार्ग को फोरलेन बनाने की मंजूरी, विंध्य विकास पथ प्रोजेक्ट के तहत होगा निर्माण
कैबिनेट बैठक में राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया। मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि दमोह से कटनी के बीच के 105 किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह से फोरलेन सड़क में बदलने की स्वीकृति दे दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने 4470 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस सड़क के फोरलेन हो जाने से इस व्यस्त मार्ग पर लगने वाले लंबे जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और सफर बेहद सुगम व आरामदायक हो जाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में करीब 2 घंटे का वक्त लगता है, जो घटकर डेढ़ घंटा रह जाएगा। यह सड़क विंध्य विकास पथ प्रोजेक्ट के तहत हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर तैयार की जाएगी।
💧 सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए चार बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी
किसानों और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट बैठक में चार बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इन प्रमुख परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
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मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना (दतिया): इस परियोजना के लिए 1608 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना: इसके लिए 524 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिससे 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित होगी।
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सागर सिंचाई परियोजना: इस योजना के तहत 1052 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है, जिससे लगभग 80,000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को पानी मिल सकेगा।
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इसके अलावा प्रदेश में आधुनिक कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए 651 करोड़ रुपए और स्वास्थ्य केंद्रों के विकास के लिए 3113 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। कुल मिलाकर इस कैबिनेट बैठक में करीब 24,500 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
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