निर्माण के कुछ ही महीनों बाद उखड़ने लगी सड़क, वाहन चालकों की जान जोखिम में, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
धार में 120 करोड़ की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज की सड़क 6-7 महीने में ही उखड़ने लगी है। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला मुख्यालय बाईपास पर नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण पूरा होने के महज 6-7 महीने के भीतर ही खस्ताहाल होने लगा है। इस बड़े ब्रिज की सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई गिट्टी और दरारें साफ तौर पर दिखाई देने लगी हैं, जिसके कारण वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। लगभग 120 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अब स्थानीय स्तर पर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण केंद्रीय राज्य मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया था।
🚗 कुछ ही महीनों में सड़क पर उभरे बड़े गड्ढे, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की बढ़ गई मुश्किलें
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि ब्रिज की सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद कई जगहों से धंसने और उखड़ने लगी है। सड़क पर कोलतार गायब होकर सिर्फ गिट्टी और मिट्टी नजर आने लगी है, जिससे सफर करना जोखिम भरा हो गया है। चालकों को इन गड्ढों से वाहन बचाकर निकालना पड़ता है, जिससे कई बार दुर्घटनाओं की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा, खराब सड़क से गुजरने के कारण गाड़ियों के पार्ट्स खराब होने से वाहन मालिकों की जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
📐 सिविल इंजीनियर ने जताई तकनीकी खामियों की आशंका, ड्राइवर संगठन ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल इंजीनियर शैलेंद्र जोशी ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तकनीकी स्तर पर गंभीर खामियां होने की पूरी संभावना है। उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी और इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी जल्दी सड़क का इस तरह उखड़ जाना निर्माण की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है और यह पूरी तरह जांच का विषय है। वहीं, प्रदेश ड्राइवर संगठन के अध्यक्ष महेश चंद्रवंशी ने कहा कि सड़क पर फैली गिट्टी और गड्ढों के कारण चालकों को लगातार जान का जोखिम उठाना पड़ रहा है। एक स्थानीय मजदूर ने तो यह भी बताया कि उसे सड़क पर बिखरी गिट्टी को समेटकर दोबारा गड्ढों में भरने का काम सौंपा गया है।
🚆 पश्चिम रेलवे का स्पष्टीकरण- 'ठेकेदार का काम अभी पूरी तरह नहीं हुआ है समाप्त'
इस पूरे विवाद और जनता के आक्रोश पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश वर्मा ने बताया कि धार के गुणावद और शहर बाईपास पर बनाए गए इस रेलवे ओवरब्रिज का काम अभी संबंधित ठेकेदार द्वारा पूरी तरह से फिनिश नहीं किया गया है। ब्रिज पर कुछ अन्य कार्य भी शेष हैं, जो बारिश के मौसम के कारण बीच में रुक गए थे। रेलवे के इस बयान के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में यह सवाल और तेज हो गया है कि यदि निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न ही नहीं हुआ था, तो इतनी जल्दबाजी में इसका उद्घाटन करने की क्या आवश्यकता थी?
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)