जबलपुर मेडिकल कॉलेज को 3 करोड़ की मदद, सिंगरौली और आसपास के इलाकों में शुरू होगी मोबाइल मैमोग्राफी वैन सुविधा
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज को NCL ने 3 करोड़ की मदद दी है। सिंगरौली क्षेत्र में महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मोबाइल वैन चलेगी।
सिंगरौली और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में रहने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान और समय पर समुचित इलाज के लिए अब एक बड़ी और आधुनिक पहल शुरू होने जा रही है। इसके लिए नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) नामक कंपनी ने जबलपुर के प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 3 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का बड़ा ऐलान किया है। इस अनुशंसित राशि का मुख्य उपयोग महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर की जांच और उसके उपचार से जुड़े सभी जरूरी संसाधन व अत्याधुनिक उपकरण जुटाने में किया जाएगा, जिससे हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
📝 मेडिकल कॉलेज और NCL के बीच हुआ एमओयू साइन, एक्स-रे मैमोग्राफी मशीन से लैस होगी मोबाइल मेडिकल वैन
इस महत्वपूर्ण सहयोग को अमलीजामा पहनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की सामुदायिक स्वास्थ्य प्रबंधक पारुल यादव ने आधिकारिक रूप से एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने जानकारी दी कि इस 3 करोड़ रुपये की राशि से एक विशेष 'मोबाइल मेडिकल वैन' तैयार की जाएगी। इस अत्याधुनिक वैन में 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की उच्च तकनीक वाली एक्स-रे मैमोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी और जांच के लिए हमेशा एक प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा, जो गांव-गांव जाकर महिलाओं की जांच करेगा।
🚐 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की होगी स्क्रीनिंग, 3 लाख से ज्यादा महिलाओं की जांच का रखा गया बड़ा लक्ष्य
यह मोबाइल वैन विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर के लिए विशेष स्क्रीनिंग करेगी। यदि जांच के दौरान किसी महिला में कैंसर के लक्षण या पुष्टि पाई जाती है, तो उसके आगे के संपूर्ण इलाज और प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में की जाएगी। कंपनी की सामुदायिक स्वास्थ्य प्रबंधक पारुल यादव ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए सिंगरौली व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 3 लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग करने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है, साथ ही कैंसर की पुष्टि होने पर 300 से ज्यादा मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन का खर्च भी कंपनी खुद उठाएगी।
🩺 शुरुआती अवस्था में गांठ की पहचान पर विशेष जोर, डॉक्टरों ने बताए भारत में कैंसर के आंकड़े और बचाव के उपाय
कार्यक्रम के दौरान जबलपुर मेडिकल कॉलेज के जाने-माने ब्रेस्ट कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. संजय यादव ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। दुनिया के कई विकसित देशों में 40 साल से ऊपर की हर महिला के लिए स्क्रीनिंग अनिवार्य मानी जाती है, जिससे वहां 100 में से मात्र 2 महिलाओं की मौत होती है, जबकि भारत में जागरूकता की कमी के कारण यह आंकड़ा 100 में से 70 तक पहुंच जाता है। यदि समय रहते स्क्रीनिंग हो जाए, तो 2 सेंटीमीटर तक की छोटी गांठ को बेहद आसानी से और सरल ऑपरेशन के जरिए ठीक किया जा सकता है। NCL की प्रबंधक पारुल यादव ने अंत में यह भी कहा कि यदि अन्य सरकारी संस्थान भी अपने प्रस्ताव (प्रपोजल) सही तरीके से तैयार कर भेजें, तो कंपनी अपने सीएसआर (CSR) फंड से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में और भी मदद कर सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)