एसआईआर अभियान के बाद छूटे नाम जोड़ने का विशेष अभियान शुरू, 2003 की मतदाता सूची की बाध्यता खत्म
जबलपुर में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत छूटे हुए नाम जोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। 2003 की वोटर लिस्ट की बाध्यता खत्म कर दी गई है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान छूटे हुए नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान अगले एक महीने तक चलाया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस बार चुनाव आयोग ने साल 2003 की मतदाता सूची से मिलान करने की पुरानी और जटिल बाध्यता को समाप्त कर दिया है, जिससे उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है जिनके नाम दस्तावेजों के मिसमैच होने के कारण काट दिए गए थे।
🏛️ सामुदायिक केंद्रों और कॉलेजों में लगेंगे कैंप: ऑनलाइन आवेदन का भी मिला विकल्प
जबलपुर कलेक्ट्रेट में उप जिला निर्वाचन अधिकारी विंकी सिंहमारे ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले एक महीने तक शहर के विभिन्न कॉलेजों, सामुदायिक केंद्रों और सरकारी दफ्तरों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। जो लोग अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहते हैं, वे अपने आवश्यक दस्तावेज लेकर कैंप में जा सकते हैं या जिला निर्वाचन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जो लोग कार्यालय नहीं आना चाहते, वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने दस्तावेज सबमिट करके आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
📄 नाम जुड़वाने के लिए जरूरी दस्तावेज और पहली बार के वोटर्स के लिए सुनहरा मौका
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म 6 भरना होगा, जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके साथ आयु और निवास की पुष्टि के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, मूल निवासी प्रमाण पत्र, बिजली बिल या समग्र आईडी जैसे दस्तावेज पर्याप्त माने गए हैं। इस अभियान के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं को भी मतदाता बनने का विशेष अवसर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
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