सिंगरौली के आदिवासी बच्चों के लिए अनोखी पहल, कलेक्टर गौरव बैनल की कोशिश से सरकारी स्कूलों में मिलेगी NEET की ऑनलाइन कोचिंग

सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की पहल पर जिले के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के छात्रों को NEET परीक्षा के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।

Oct 06, 2026 - 16:00
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सिंगरौली के आदिवासी बच्चों के लिए अनोखी पहल, कलेक्टर गौरव बैनल की कोशिश से सरकारी स्कूलों में मिलेगी NEET की ऑनलाइन कोचिंग

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बड़े शहरों जैसी बेहतर कनेक्टिविटी और कोचिंग संस्थानों के अभाव के चलते मेडिकल की तैयारी से वंचित रहने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। स्टूडेंट्स की इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने एक बेहद सराहनीय और अनूठा प्रयास शुरू किया है। इस नई योजना के तहत जिले के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले सरकारी स्कूलों के छात्र अब अपने ही स्कूल में बैठकर देश की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कर सकेंगे।

🤝 आदित्य बिड़ला समूह और एलेन (Allen) का मिला साथ: सीएसआर (CSR) के तहत जिले के 200 से अधिक मेधावी छात्रों को मिलेगी विशेष सौगात

कलेक्टर के निर्देश पर सिंगरौली जिले के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में लगभग 200 से अधिक स्टूडेंट्स को NEET की ऑनलाइन क्लासेस उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नेक कार्य में आदित्य बिड़ला समूह का CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग मदद के लिए आगे आया है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के सहयोग से इन जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को देश के जाने-माने 'एलेन करियर इंस्टीट्यूट' (Allen Career Institute) से जुड़कर ऑनलाइन कोचिंग प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अपनी पढ़ाई बेहतर ढंग से पूरी कर सकेंगे।

🏫 इन प्रमुख स्कूलों के बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ: बायोलॉजी विषय के स्टूडेंट्स का डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार

प्रशासन की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत सिंगरौली के देवसर, बरगवां और चितरंगी क्षेत्र के मॉडल स्कूलों, एक्सीलेंस स्कूलों के साथ-साथ बरगवां के कन्या शिक्षा परिसर और एकलव्य विद्यालय के बायोलॉजी (जीव विज्ञान) विषय के 200 से अधिक छात्रों को यह सुविधा मिलेगी। कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा कि अक्सर जो छात्र पढ़ाई में तो बेहद प्रतिभाशाली होते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं भर पाते, उनके सपनों को उड़ान देने के लिए यह डिजिटल पहल मील का पत्थर साबित होगी।

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