एनएचबी के इस कदम से LIC और बजाज हाउसिंग जैसी कंपनियों को मिलेगा सस्ता कर्ज, घटेगी बैंकों पर निर्भरता
नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) चालू वित्त वर्ष में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए रीफाइनेंस और अफोर्डेबल हाउसिंग फंड को दोगुना करने की योजना बना रहा है।
नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) चालू वित्त वर्ष के दौरान हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग फंड और रीफाइनेंस की कुल राशि को दोगुना करने की योजना पर काम कर रहा है। बाजार में सस्ते और लंबी अवधि के कर्ज की भारी मांग को देखते हुए कई बड़ी वित्तीय कंपनियों ने सरकार और एनएचबी से अतिरिक्त फंड की गुहार लगाई थी। अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव पर तेजी से चर्चा चल रही है और जल्द ही इस पर आधिकारिक मुहर लग सकती है, जिससे कंपनियों को फंड जुटाने में आ रही दिक्कतों से बड़ी राहत मिलेगी।
💸 सस्ता फंड और कम ब्याज दरें: बैंकों पर निर्भरता घटेगी और कम लागत पर मिलेगा लंबा कर्ज
एनएचबी से मिलने वाले फंड की सबसे बड़ी खूबी इसकी बेहद किफायती ब्याज दरें हैं। एनएचबी के सामान्य रीफाइनेंस की दर करीब 7.65 फीसदी है, जबकि अफोर्डेबल हाउसिंग फंड के तहत कर्ज मात्र 4.25 फीसदी के आसपास उपलब्ध होता है। इस बड़े अंतर के चलते अनुमान है कि एनएचबी इस साल प्रमुख हाउसिंग कंपनियों की कुल उधारी का 30 से 35 फीसदी हिस्सा पूरा कर सकता है। इससे एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, पीएनबी हाउसिंग और आधार हाउसिंग जैसी नामी कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा और वे बिना बैंकों के चक्कर काटे अपना कारोबार विस्तार कर सकेंगी।
📊 होम लोन बाजार में हाउसिंग कंपनियों की मजबूत स्थिति: आरबीआई और एनएचबी के आंकड़े
मौजूदा समय में कमर्शियल बैंकों की आंतरिक लेंडिंग (एक्सपोजर) सीमा पूरी होने के कारण कंपनियों को नया कर्ज जुटाने में कठिनाई आ रही थी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक वित्तीय प्रणाली के प्रति हाउसिंग कंपनियों की कुल देनदारी 7.35 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं एनएचबी के आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 के अंत तक एचएफसी के पास 7.44 लाख करोड़ रुपये के व्यक्तिगत होम लोन बकाया थे, जो देश के कुल होम लोन बाजार का 18.6 फीसदी है। ऐसे में एनएचबी का यह नया फैसला हाउसिंग सेक्टर को नई रफ्तार देने में अहम साबित होगा।
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