ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से क्यों हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर विमान? जानिए क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
आतंकी खतरे और ईरान से जुड़े कनेक्शन के चलते अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने B-1 बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है कि ब्रिटेन के आरएएफ (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस से अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े संभावित खतरे के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है। अमेरिका को पहले ही खतरे का अंदाजा था, जिसके चलते बॉम्बर विमानों को वहां रखना सुरक्षित नहीं समझा गया। बता दें कि इस एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जाता रहा है।
🔍 ‘हमें खतरे का अंदाजा था’: आतंकी हमले की साजिश और विमानों की वापसी पर ट्रंप का बयान
RAF फेयरफोर्ड बेस से विमानों की आवाजाही को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा था कि वहां खतरा हो सकता है, इसलिए विमानों को वहां रखना उचित नहीं था। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायु सेना ने ब्रिटेन के इस एयरबेस पर संदिग्ध आतंकी हमले की जांच के बीच इन विमानों को वापस अमेरिका स्थित सैन्य ठिकानों पर भेज दिया है। हाल ही में लंदन में एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक को आतंकी साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार भी किया गया था।
🇮🇷 जेडी वेंस और मार्को रुबियो के बयान, ईरानी विदेश मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि विमानों को हटाए जाने और संदिग्ध ईरानी साजिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, क्योंकि पेंटागन जरूरत के मुताबिक संसाधनों को स्थानांतरित करता रहता है। उधर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन के इन संकेतों पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे गलत दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
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