ग्लोबल मार्केट के कमजोर रुझानों से फिसले सोने के दाम, आरबीआई की नई ब्याज दरों का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थानीय मांग और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख देखने को मिला है। स्थानीय स्तर पर मांग में कमी और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुझानों के चलते बुधवार को सोने की कीमत में 700 रुपये की और गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। मंगलवार को यह 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इन दो दिनों के भीतर कुल मिलाकर सोने के दामों में 900 रुपये की नरमी आ चुकी है, जबकि चांदी के भाव 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बने हुए हैं।
🌐 ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) गिरकर करीब 4,116 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है, जबकि चांदी में भी तीन महीने का निचला स्तर दर्ज किया गया है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर (जो 18 महीने के उच्चतम स्तर के करीब है) ने सोने की तेजी को सीमित किया है। निवेशक इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों के ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा तय होगी।
🏦 आरबीआई ने बढ़ाई बेंचमार्क ब्याज दरें, रेपो रेट पर असर
महंगाई और कमजोर होती करेंसी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है, जो लगभग चार वर्षों में पहली बड़ी बढ़ोतरी है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर मोड़ा है, ताकि बढ़ती महंगाई को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। बाजार जानकारों का अनुमान है कि इस चक्र में आगे भी कुछ और फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।
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