दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लेकर नया अपडेट, जानें ग्राहकों पर असर
बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटा दिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को आधिकारिक तौर पर शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है। यह कदम बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद उठाया गया है। केंद्रीय बैंक ने अप्रैल 2026 में ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिसके बाद अब नियामकीय प्रक्रिया के तहत इसे शेड्यूल्ड बैंकों की कैटेगरी से हटा दिया गया है।
❌ क्यों रद्द किया गया था लाइसेंस और क्या है शेड्यूल्ड बैंक से हटने का मतलब?
आरबीआई के अनुसार, बैंक के कामकाज और प्रबंधन से जमाकर्ताओं के हित प्रभावित हो रहे थे और बैंक नियमों का पालन करने में विफल रहा था। जनवरी 2024 से ही इस पर कई कारोबारी प्रतिबंध लगने शुरू हो गए थे। शेड्यूल्ड बैंक वह होता है जो आरबीआई एक्ट, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल होता है और जिसे क्लियरिंग हाउस की सदस्यता मिलती है। इस सूची से हटने का साफ अर्थ है कि अब यह बैंक सामान्य बैंकिंग गतिविधियां संचालित करने के योग्य नहीं है।
📱 ग्राहकों और यूजर्स पर इसका क्या असर होगा?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक और पेटीएम ऐप की अन्य सेवाएं पूरी तरह एक ही चीज नहीं हैं। ऐप की कई अन्य वित्तीय सेवाएं पार्टनर बैंकों के जरिए सुचारू रूप से चल सकती हैं। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक ग्राहकों को उनका पुराना बकाया बैलेंस निकालने की अनुमति दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2026 में इस बैंक को पूरी तरह बंद करने का आदेश देते हुए आधिकारिक लिक्विडेटर की नियुक्ति भी कर दी थी।
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