भेड़-बकरियों में 'PPR' बीमारी का खतरा, इंदौर संभाग में 8 लाख से अधिक पशुओं को लगा टीका

इंदौर संभाग में भेड़ और बकरियों में फैलने वाली पीपीआर (प्लेग) बीमारी से बचाव के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 8 लाख से अधिक पशुओं को टीका लग चुका है।

Oct 08, 2026 - 19:47
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भेड़-बकरियों में 'PPR' बीमारी का खतरा, इंदौर संभाग में 8 लाख से अधिक पशुओं को लगा टीका

पशुपालकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। कई एशियाई देशों में भेड़ और बकरियों में तेजी से फैल रही 'पीपीआर' (Peste des Petits Ruminants) यानी भेड़-बकरी प्लेग की बीमारी का खतरा अब भारतीय पशुधन पर भी मंडराने लगा है। इस गंभीर महामारी से निपटने के लिए पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के अंतर्गत विशेष नियंत्रण एवं उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर संभाग के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर मुफ्त टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है।

💉 8 लाख से ज्यादा भेड़-बकरियों को लगाया गया टीका, 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा अभियान

पशुपालन विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव और पशुपालकों के पास पहुंचकर 4 महीने या उससे अधिक उम्र के सभी स्वस्थ भेड़-बकरियों का नि:शुल्क टीकाकरण कर रही हैं। इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. मनीष इंगोले ने जानकारी दी है कि इस अभियान के तहत अब तक 8 लाख 42 हजार 259 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, और यह विशेष अभियान आगामी 15 अक्टूबर 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण करवाएं और टीकाकरण दलों को पूरा सहयोग दें।

🎯 वर्ष 2030 तक देश को पीपीआर रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य, बरते ये सावधानियां

चिकित्सकीय जानकारों के मुताबिक पीपीआर भेड़-बकरियों में होने वाला एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित रोग है, जो संक्रमित पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक देश को पीपीआर रोग से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर, धार, अलीराजपुर, बड़वानी और बुरहानपुर जिलों में इस पर विशेष नजर रखी जा रही है। पशुपालन विभाग ने सलाह दी है कि बीमार पशुओं को हमेशा स्वस्थ पशुओं से अलग रखें तथा किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय रहते उचित उपचार किया जा सके।

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