1000 करोड़ की ठगी के मुख्य सरगना के मददगार, मंत्री के ओएसडी दीपम रायचूरा को पद से हटाया गया
भोपाल में 1000 करोड़ की ठगी के मामले में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा को घूस लेने के आरोप में पद से हटा दिया गया है।
देश के चार राज्यों में एक हजार करोड़ रुपये की विशाल धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले मुख्य सूत्रधार मोहित गोगिया के मामले में मध्य प्रदेश प्रशासन से एक बड़ी खबर सामने आई है। गोगिया के मददगार और रिश्वत लेने के आरोपों से घिरे उप मुख्यमंत्री डॉ. जगदीश देवड़ा के ओएसडी व सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा को आखिरकार उनके पद और मंत्री के स्टाफ से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
💰 आधी कीमत पर लग्जरी प्रॉपर्टी और कारों का झांसा देकर की थी ठगी
मुख्य आरोपी मोहित गोगिया ने दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और भोपाल तक के करीब 200 लोगों को बैंक नीलामी की आलीशान प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियां आधी कीमत में दिलाने का लालच देकर लगभग 1 हजार करोड़ रुपये का बड़ा चूना लगाया था। इसी दौरान वह भोपाल भी आया था और वर्ष 2024-25 के दौरान टीटी नगर की दो शराब दुकानों का ठेका दिलाने के एवज में ओएसडी दीपम रायचूरा द्वारा एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर मामला सामने आया, जिसकी पुष्टि जांच एजेंसियों की पूछताछ में हुई।
⚖️ डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि यह घटना 2024-25 की है जब दीपम रायचूरा भोपाल में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर थे और उनके स्टाफ में नहीं थे। मंत्री ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से हो और इसमें किसी भी प्रकार का प्रभाव न पड़े, इसलिए दीपम रायचूरा को तत्काल प्रभाव से अपने निजी स्टाफ से हटा दिया गया है तथा पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
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