जंतर-मंतर प्रदर्शन में जा रहे पुणे के छात्रों को नर्मदापुरम पुलिस ने इटारसी में उतारा, 22 घंटे रखा डिटेन
पुणे से दिल्ली प्रदर्शन में जा रहे छात्र-छात्राओं को नर्मदापुरम के इटारसी रेलवे स्टेशन पर डिटेन कर लिया गया। 22 घंटे बाद छात्रों को पुणे रवाना किया गया।
महाराष्ट्र के पुणे से करीब 14 छात्र-छात्राएं दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छात्रों को इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार लिया। इन सभी छात्र-छात्राओं को लगभग 22 घंटे तक डिटेन करके इटारसी के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया, जिसके बाद अगले दिन कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच लग्जरी बस से उन्हें वापस पुणे के लिए रवाना कर दिया गया।
👥 AISF और NSYF संगठन से जुड़े हैं छात्र, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की थी मांग
डिटेन किए गए विद्यार्थियों में छात्र संगठन AISF से जुड़ी श्रावणी बुवा, प्रीती लोंढे और NSYF से जुड़े निहारिका भोंसले, आकाश नवले व कपिल चौहान सहित कुल 14 छात्र-छात्राएं शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, ये सभी छात्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे थे। कॉकरोच पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें जबरन रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
🛑 दो छात्र रहे 22 घंटे भूख हड़ताल पर, पुलिस सुरक्षा के बीच बस से भेजे गए पुणे
कार्रवाई के विरोध में NSYF की सदस्य निहारिका भोंसले और आकाश नवले ने करीब 22 घंटे तक भूख हड़ताल (अनशन) की। बाद में प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने दोनों अनशनकारी छात्रों को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई। पुलिस ने निजी मुचलके पर सभी को रिहा करने के बाद पुलिस टीम की निगरानी में बस से पुणे रवाना किया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि बस से पुणे पहुंचने में उन्हें शनिवार दोपहर तक का समय लगा।
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